Azamgarh News: हाई वोल्टेज तार बना मौत का कारण: 65 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

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आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

हाई वोल्टेज तार बना मौत का कारण: 65 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

आज़मगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित सुंदरपुर कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। डिलिया मुबारकपुर निवासी सुरेंद्र सिंह (उम्र लगभग 65 वर्ष) की हाई वोल्टेज 33 हजार लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि सुरेंद्र सिंह अपने नए मकान के पास ही मौजूद थे, तभी वहां से गुजर रहे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तार काफी नीचे और असुरक्षित स्थिति में था, जिससे यह हादसा हुआ। हादसा इतना भयावह था कि उन्हें बचाने का मौका तक नहीं मिल सका।
सुरेंद्र सिंह एक साधारण और मिलनसार व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। उनकी पत्नी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें से एक बेटा और बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटा अभी अविवाहित है। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद परिजनों ने सिधारी थाने में विद्युत विभाग के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इलाके में हाई वोल्टेज तारों की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई थी, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर समय रहते सुधार किया गया होता, तो शायद यह जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर किसी की आंखें नम थीं और एक ही सवाल गूंज रहा था—आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह घटना एक बार फिर से लापरवाह व्यवस्था और जर्जर बिजली ढांचे की पोल खोलती है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
यह हादसा सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों और सहारे के खत्म होने की दर्दनाक कहानी बन गया है।

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