Azamgarh News: पांचवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, रक्तदान और भंडारे के माध्यम से स्व. शिवचंद सोनकर को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
पांचवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, रक्तदान और भंडारे के माध्यम से स्व. शिवचंद सोनकर को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम कांधरपुर (बरौली दिवाकर पट्टी) में रविवार को स्वर्गीय शिवचंद सोनकर की पांचवीं पुण्यतिथि बड़े ही भावुक और सामाजिक माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर उनके सुपुत्रों द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल रक्तदान शिविर एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गोपालपुर विधानसभा के विधायक नफीस अहमद, लालगंज के पंकज मोहन सोनकर एवं मां लक्ष्मीना देवी द्वारा स्वर्गीय शिवचंद सोनकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों ने फीता काटकर रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।
पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सेवा और मानवता की अनोखी मिसाल देखने को मिली। रक्तदान शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लगभग 45 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव जीवन बचाने का संकल्प लिया। रक्तदान वाहन टीम में राजेंद्र यादव, डोली पांडे, अजय पांडे, आलोक, चंदन उपाध्याय एवं धर्मेंद्र अपनी पूरी टीम के साथ लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “रक्तदान महादान” है और किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता। स्वर्गीय शिवचंद सोनकर की स्मृति में इस प्रकार का आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायक है, जो आने वाली पीढ़ियों को सेवा और मानवता का संदेश देता रहेगा।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि कोमल पासवान, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र विश्वकर्मा, पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ, सागर सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश पासवान, पूर्व प्रधान राजेश यादव सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजनकर्ता केपी सोनकर एवं शैलेश सोनकर की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिता की स्मृति को सेवा के माध्यम से जीवंत रखने का सराहनीय कार्य किया है।
भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे गांव में श्रद्धा, अपनापन और सामाजिक एकता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब स्वर्गीय शिवचंद सोनकर के जीवन और उनके सामाजिक व्यवहार को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि व्यक्ति भले इस दुनिया से चला जाए, लेकिन उसके अच्छे कर्म और समाज के लिए किए गए कार्य हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं।



