Azamgarh News: मां की स्मृति में बना वृद्धाश्रम बना सेवा और संस्कार का प्रतीक, सिंगारी देवी सेवा ट्रस्ट ने किया लोकार्पण

आजमगढ़ बलरामपुर पटवध से बबलू राय:

मां की स्मृति में बना वृद्धाश्रम बना सेवा और संस्कार का प्रतीक, सिंगारी देवी सेवा ट्रस्ट ने किया लोकार्पण

आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज विकासखंड अंतर्गत आधुनिक समय में जहां संयुक्त परिवारों का स्वरूप लगातार सिमटता जा रहा है और कई बुजुर्ग अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में उपेक्षा का दर्द झेलने को विवश हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायी पहल शनिवार की शाम बिलरियागंज विकासखंड के ग्राम गागेपुर, पोस्ट पटवध कौतुक, तहसील सगड़ी में देखने को मिली, जहां स्वर्गीय सिंगारी देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी स्मृति में उनके पुत्र द्वारा सिंगारी देवी सेवा ट्रस्ट वृद्धाश्रम का भव्य उद्घाटन किया गया।

वृद्धाश्रम का निर्माण गांव निवासी एवं ट्रस्ट के संस्थापक-प्रबंधक सुरेंद्र राय द्वारा अपनी पूज्य माता स्वर्गीय सिंगारी देवी की याद में कराया गया है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गोपालपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सत्येंद्र राय उपस्थित रहे। उन्होंने फीता काटकर वृद्धाश्रम का लोकार्पण किया तथा इस सामाजिक और मानवीय पहल के लिए सुरेंद्र राय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय सिंगारी देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर अपने संबोधन में सत्येंद्र राय ने कहा कि “हर व्यक्ति अपने और अपने परिवार के लिए जीवन जीता है, लेकिन समाज के लिए कुछ कर गुजरने वाले लोग ही वास्तव में प्रेरणा के स्रोत बनते हैं। वृद्धाश्रम का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि उन बुजुर्गों के लिए सम्मान और सहारे का घर तैयार करना है, जिन्हें जीवन के अंतिम पड़ाव में अपनापन और देखभाल की आवश्यकता होती है।”

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे प्रयासों की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। सुरेंद्र राय ने अपनी मां की स्मृति को सेवा के माध्यम से अमर बनाने का जो कार्य किया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का विषय रहेगा।

इस अवसर पर संस्थापक सुरेंद्र राय ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम को सांस्कृतिक और साहित्यिक रंग देने के लिए भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसका संचालन कवि विजेंद्र करुण ने किया।

कवि सम्मेलन में विजेंद्र करुण ने मां सरस्वती वंदना “माई सरस्वती जिंदगी हमार तू संवार दा” प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद डॉ. रुद्र प्रकाश चौबे ने अपनी मार्मिक पंक्तियां “जब रात हमारी हो न सकी, भिनसार हमारा क्या होगा” सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।

कवि संदीप गांधी ‘नेहाल’ ने “राम ही राम है, राम ही श्याम है, जहां देखो वहीं राम है” सुनाकर लोगों को भाव-विभोर कर दिया। वहीं कवि रत्नेश राय ने “अलबेला मेरा रामलला, अलबेली उसकी कार्यशीला” प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के लिए नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष बिलरियागंज रूद्रप्रकाश राय, सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक कुमार राय, समाजसेवी पुनीत राय, अभय कुमार राय, राजेश राय, मनोज राय, सूरज प्रकाश राय, सुरेश राय, विजयी यादव, नूर आलम सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।

वृद्धाश्रम केवल ईंट-पत्थरों से बना एक भवन नहीं होता, बल्कि वह उन बुजुर्गों के लिए आशा का घर होता है जिनकी आंखें अपनेपन की तलाश में होती हैं। गागेपुर में स्थापित सिंगारी देवी सेवा ट्रस्ट वृद्धाश्रम निस्संदेह मानव सेवा, मातृभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।

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