Azamgarh News: प्रभारी सीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय की सख्ती आई सामने, आरोग्य मेले के निरीक्षण में अनुपस्थित एएनएम पर कार्रवाई के निर्देश

आजमगढ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
प्रभारी सीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय की सख्ती आई सामने, आरोग्य मेले के निरीक्षण में अनुपस्थित एएनएम पर कार्रवाई के निर्देश
आजमगढ़ जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आमजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के दौरान उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डॉ. उमाशरण पांडेय ने मंचोभा, महाराजपुर और फरिहाँ स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण किया। उन्होंने दवा उपलब्धता, जांच सुविधाओं, साफ-सफाई और कर्मचारियों की उपस्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। फरिहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक एएनएम बिना सूचना अनुपस्थित मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण तलब करने और संतोषजनक जवाब न मिलने तक वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रभारी सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गरीब, जरूरतमंद और दूरदराज के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का माध्यम है। ऐसे में कर्मचारियों की अनुपस्थिति सीधे जनता के हितों को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और जांच सुविधाओं को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंचोभा स्वास्थ्य केंद्र में गंदगी मिलने पर तत्काल सुधार के आदेश दिए गए, जबकि महाराजपुर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
डॉ. उमाशरण पांडेय ने बताया कि जनपद में आयोजित 77 मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में 1725 मरीजों का उपचार किया गया। मेले में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की जांच, कुपोषित बच्चों की पहचान, गोल्डन कार्ड निर्माण और विभिन्न बीमारियों के मरीजों को आवश्यक उपचार प्रदान किया गया।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की कि वे जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. उमाशरण पांडेय की सक्रिय कार्यशैली और सख्त निगरानी से स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। उनके निरीक्षण ने यह संदेश दिया है कि मरीजों की सुविधा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।



