Azamgarh News: श्रीमद्भागवत कथा और विष्णु महायज्ञ से भक्तिमय हुआ आजमपुर, कथा श्रवण को उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

श्रीमद्भागवत कथा और विष्णु महायज्ञ से भक्तिमय हुआ आजमपुर, कथा श्रवण को उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

आजमगढ़ जनपद के कंधरापुर थाना अंतर्गत आजमपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं विष्णु महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की अद्भुत छटा देखने को मिली। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण एवं यज्ञ में सहभागिता के लिए पहुंच रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण व्याप्त है।

श्रीमद्भागवत कथा के कथावाचक पूज्य श्री गणेश जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) अपने मुखारविंद से भक्तों को कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि कलियुग में भगवान की भक्ति और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण ही मानव को भवसागर से पार लगाने का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने संगीत, भजन और भावपूर्ण व्याख्या के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से अभिभूत कर दिया।

वहीं यज्ञाचार्य पंडित शिवाश्रय जी महाराज एवं पंडित रघुनंदन जी पांडेय के सानिध्य में यज्ञ मंडप में प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ हवन-पूजन का क्रम जारी है। यज्ञ में शिष्यों एवं श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है। वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हो रहे इस महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा है।

कार्यक्रम के आयोजक एवं ग्राम प्रधान राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण, पेयजल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति एवं ग्रामवासी पूरे समर्पण भाव से कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

आयोजकों ने बताया कि 31 मई से प्रारंभ हुआ यह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ 7 जून तक चलेगा। प्रतिदिन सायं 6 बजे से कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन 7 जून को पूर्णाहुति एवं भव्य भंडारे के साथ होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

ग्राम प्रधान राजीव कुमार सिंह ने समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा, यज्ञ एवं पूजन-अर्चन का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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