Azamgarh news :फर्जी खातों से रकम निकालने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

फर्जी खातों से रकम निकालने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

साइबर अपराधियों पर आजमगढ़ पुलिस का शिकंजा, बिहार से गिरफ्तार हुआ ठगी की रकम खपाने वाला शातिर आरोपी

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

थाना दीदारगंज अंतर्गत चितारा महमूदपुर निवासी डॉ शफी उज्जमा के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से ₹5,98,749 तथा केनरा बैंक खाते से ₹99,870, कुल ₹6,98,619 की धनराशि उनकी जानकारी के बिना डेबिट हो गई थी। मोबाइल पर खाते से धनराशि निकासी का मैसेज प्राप्त होने पर पीड़ित द्वारा तत्काल बैंक एवं राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0-08/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई।

विवेचना के दौरान प्रकाश में आए संदिग्ध मोबाइल नम्बर की तकनीकी जांच एवं लोकेशन के आधार पर थाना साइबर क्राइम की टीम जनपद कुशीनगर के थाना कसया क्षेत्र स्थित होटल बुद्धा पहुँची, जहाँ संदिग्ध जितेन्द्र प्रसाद यादव की पहचान की गई। अभियुक्त को पूछताछ हेतु थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ लाया गया, जहाँ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ एवं साक्ष्य संकलन के दौरान अभियुक्त की साइबर अपराध में संलिप्तता प्रमाणित होने पर उसे दिनांक 01.06.2026 को समय करीब 17:35 बजे थाना साइबर क्राइम परिसर से नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का संचालन करता था। गिरोह का एक सदस्य फर्जी बैंक खाते एवं क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था करता था, जबकि दूसरा सदस्य साइबर अपराध से अर्जित धनराशि को इन खातों में मंगाने का कार्य करता था। अभियुक्त जितेन्द्र प्रसाद यादव की भूमिका इन खातों एवं क्रेडिट कार्डों में प्राप्त धनराशि को नकद में परिवर्तित करने की थी। वह पेट्रोल पम्प, जनसेवा केन्द्र एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर क्रेडिट कार्ड तथा यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर नकदी प्राप्त करता था। इसके पश्चात प्राप्त धनराशि को गिरोह के सदस्यों में आपस में बांट लिया जाता था।

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