Azamgarh news :डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक
डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री पंकज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमती आस्था जायसवाल के नेतृत्व में आज दिनांक 03.06.2026 को कॉलेज ऑफ एडवांस स्टडीज, बोलइसा, आजमगढ़ में विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, यातायात पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, महिला सशक्तिकरण, अग्नि सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
साइबर अपराधों के प्रति किया गया जागरूक
थाना साइबर क्राइम की टीम द्वारा वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों जैसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस/सीबीआई/साइबर अधिकारी बनकर धन की मांग, फर्जी लिंक एवं मोबाइल एप डाउनलोड कराकर ठगी, गिफ्ट एवं लॉटरी स्कैम, सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी, म्यूल अकाउंट, फर्जी मोबाइल नंबर तथा अन्य ऑनलाइन अपराधों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
छात्र-छात्राओं को बताया गया कि साइबर अपराधी विभिन्न माध्यमों से लोगों को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति, लिंक अथवा एप्लीकेशन पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।
प्रमुख विषय जिन पर जानकारी दी गई
बैंकिंग फ्रॉड एवं क्यूआर कोड स्कैन कर ठगी
व्हाट्सएप हैकिंग, OLX एवं KYC आधारित साइबर अपराध
फर्जी एप्लीकेशन एवं ऑनलाइन लोन स्कैम
हनी ट्रैपिंग एवं सोशल मीडिया फ्रॉड
एटीएम एवं इंटरनेट मीडिया से संबंधित धोखाधड़ी
निवेश एवं गेमिंग एप के माध्यम से साइबर ठगी
सेक्सटॉर्शन एवं न्यूड वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग
मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से शादी का झांसा देकर ठगी
सेक्सटॉर्शन से बचाव के संबंध में विशेष जानकारी
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर मित्रता स्थापित करते हैं तथा बाद में वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील सामग्री दिखाकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को ब्लैकमेल कर धन की मांग की जाती है।
जनसामान्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
किसी भी अजनबी व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल रिसीव करने से बचें।
आवश्यक स्थिति में वीडियो कॉल रिसीव करते समय कैमरा ढककर रखें।
बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज करें।
कार्यशाला के दौरान भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई।
उपस्थित अधिकारी/कर्मचारी
हे0का0 कल्लू प्रसाद थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
का0 रामाश्रय यादव थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
का0 सभाजीत मौर्य थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
का0 विकास कुमार थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
म0का0 प्रियंका गौड़ थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
आजमगढ़ पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जनजागरूकता के माध्यम से सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण हेतु सतत प्रयासरत है।



