Azamgarh News:कई वर्षों से बदहाल सड़क, ट्रांसफॉर्मर से ऑयल लीकेज का खतरा; बरदह गोपीगंज के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले
*कई वर्षों से बदहाल सड़क, ट्रांसफॉर्मर से ऑयल लीकेज का खतरा; बरदह गोपीगंज के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले
—’आखिर हमारी सुनवाई कब होगी?’**
बरदह (आजमगढ़)।** विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच ब्लॉक ठेकमा अंतर्गत बरदह ग्राम सभा के गोपीगंज गांव की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। गांव की मुख्य सड़क पिछले लगभग कई वर्षों से बदहाल पड़ी है। बरसात शुरू होते ही यह सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। वर्षों से समस्या झेल रहे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और उन्होंने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं, किसान खेतों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करते हैं और बीमार तथा बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भी भारी परेशानी होती है ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। उनका आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गांव की समस्याएं भुला दी जाती हैं सड़क की समस्या के साथ-साथ विद्युत विभाग की लापरवाही भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगा ट्रांसफॉर्मर पिछले कई वर्षों से ऑयल रिसाव की समस्या से जूझ रहा है। ट्रांसफॉर्मर से लगातार तेल टपकने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि रिसाव वाले तेल की चपेट में आने से एक महिला झुलस भी चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए तथा ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत या आवश्यक होने पर उसे बदला जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे इस अवसर पर नारायण बेनबंसी, रमेश सरोज, राजेंद्र सरोज, प्रहलाद यादव, पवन यादव, सूबेदार दर्जी, तहसीलू दर्जी, कमलू दर्जी, जोगिंदर यादव, अनुराग यादव, रामचंद्र यादव, सतीश यादव, सुजीत सरोज, संजू सरोज, किशन यादव, मोनू प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, रामभवन बेनबंसी, श्रीराम प्रजापति, विकास प्रजापति, रमन प्रजापति सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।



