आजमगढ़:कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पर सरकार खिलाफ किया प्रदर्शन

Azamgarh: Congress workers took out a procession and protested against the government at the Collectorate office.

आजमगढ़। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी नेताओं को हिरासत में लिए जाने तथा नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में बुधवार को आजमगढ़ मुख्यालय पर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहीं सोशलिस्ट किसान मोर्चा ने भी अलग से प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन दिया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दमनात्मक कार्रवाई की गई, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नीट-2026 परीक्षा में जिस तरह से व्यापक अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब छात्र और विपक्ष जवाब मांग रहे हैं तो सरकार संवाद करने के बजाय पुलिस के बल पर आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से जुलूस शुरू किया जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान पूरे रास्ते केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार का यही रवैया जारी रहा तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
उधर सोशलिस्ट किसान मोर्चा ने भी राजीव यादव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट चौराहे से जुलूस निकाला। किसान नेताओं ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए राजीव यादव ने कहा कि किसान और छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो किसान संगठन आंदोलन को और व्यापक बनाएंगे।
दोनों संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पहले से सतर्क रही। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे, जबकि शहर कोतवाल योगेंद्र पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरे जुलूस के साथ मौजूद रही।
गौरतलब है कि मंगलवार को भी बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के लोग दिल्ली आंदोलन के समर्थन में आजमगढ़ मुख्यालय पहुंचे थे। उस दिन पुलिस की सख्ती के चलते जुलूस आगे नहीं बढ़ सका था। हालांकि बुधवार को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक कलेक्ट्रेट तक जाने दिया।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि कांग्रेस और किसान संगठन के प्रस्तावित जुलूस की सूचना पहले से थी, जिसके आधार पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही और कहीं भी यातायात बाधित नहीं हुआ। सभी प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए तथा किसी अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है।

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