Azamgarh News:10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया लेखपाल, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया लेखपाल, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
आजमगढ़ जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन संगठन ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए लालगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई तरवां थाना क्षेत्र के परमानपुर बाजार स्थित एक चाय की दुकान पर की गई। आरोपी के खिलाफ मेहनाजपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, तरवां थाना क्षेत्र के निवासी किसान धर्मेंद्र शर्मा उर्फ बबलू ने एंटी करप्शन थाना, आजमगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि लालगंज तहसील में तैनात लेखपाल संतलाल गौतम भूमि की पैमाइश कराने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, धारा-24 के तहत पैमाइश की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बार-बार पैसे मांगे जा रहे थे और बिना रिश्वत लिए कार्य करने से मना किया जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की गोपनीय जांच कराई। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर जिलाधिकारी से अनुमति लेकर ट्रैप की योजना बनाई गई। नियमानुसार दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता को चिन्हित किए गए नोट दिए गए।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शुक्रवार रात करीब आठ बजे परमानपुर बाजार स्थित एक चाय की दुकान पर शिकायतकर्ता ने लेखपाल को बुलाया। जैसे ही आरोपी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत अपने हाथ में ली, पहले से सादी वर्दी में तैनात एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई।
टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी को मेहनाजपुर थाने लाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
एंटी करप्शन अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले अवैध धन की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल एंटी करप्शन संगठन से करें। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।



