Azamgarh News:स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, आजमगढ़ में नहीं मिला अब तक कोई पुष्ट केस*

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
*स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, आजमगढ़ में नहीं मिला अब तक कोई पुष्ट केस*
आजमगढ़ 09 सितंबर 2026
H1N1/स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है, लेकिन राहत की बात है कि जनपद में अब तक इसका कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच और उपचार के साथ ऑक्सीजन व आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने लोगों से सामान्य सावधानियां बरतने और लक्षण होने पर बिना देरी चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों, चक्रपानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज, मंडलीय जिला चिकित्सालय, सभी सौ शैय्या चिकित्सालय , समस्त सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग एवं उपचार किया जा रहा है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, पाइपलाइन, ऑक्सीजन प्लांट और नेबुलाइजेशन सहित आवश्यक उपकरण क्रियाशील हैं। ओसल्टामिविर (Oseltamivir) समेत जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि आजमगढ़ से संबंधित चार व्यक्तियों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है, लेकिन उनका उपचार अन्य जनपदों में चल रहा है और उनकी पैथोलॉजिकल जांच भी गैर-जनपद में हुई है। इसलिए केवल इस आधार पर उन्हें आजमगढ़ जनपद का स्वाइन फ्लू मरीज मानना उचित नहीं होगा। संबंधित मामलों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखे हुए है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि मौसम में बदलाव के दौरान वायरल बुखार के साथ सर्दी-खांसी, नाक बहना या बंद होना, गले में खराश, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण सामान्य मौसमी संक्रमण में भी हो सकते हैं। हर बुखार या सर्दी-खांसी को H1N1 समझकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज भी नहीं किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
उन्होंने सभी निजी पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को निर्देशित किया है कि H1N1 संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच को ही मान्य माना जाए और निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक पुष्टि के बिना H1N1 की रिपोर्ट जारी न करें। संदिग्ध अथवा पॉजिटिव रिपोर्ट की सूचना तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय स्थित संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट को उपलब्ध कराई जाए। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना रिपोर्ट जारी करने अथवा गलत रिपोर्ट पाए जाने पर संबंधित पैथोलॉजी के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें तथा बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचें। भोजन करने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें।
उन्होंने कहा कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें तथा पानी और गंदगी जमा न होने दें। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी अथवा लगातार तेज बुखार जैसे लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लें।
डॉ. वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जनपदवासियों की जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।



