Azamgarh News:हर बेटी की मुस्कान सुरक्षित रहे”— शिब्ली नेशनल कॉलेज में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता सेमिनार, पहले 100 छात्राओं को मुफ्त HPV वैक्सीनेशन
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
“हर बेटी की मुस्कान सुरक्षित रहे”— शिब्ली नेशनल कॉलेज में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता सेमिनार, पहले 100 छात्राओं को मुफ्त HPV वैक्सीनेशन
आजमगढ़। बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने और समय रहते जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को शिब्ली नेशनल कॉलेज में “आनंदी माँ – एक जीवन बचाओ अभियान” के तहत भावनात्मक एवं प्रेरणादायी जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को स्वस्थ भविष्य के लिए समय पर वैक्सीनेशन और जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं वुमेन वेलफेयर फाउंडेशन की उत्तर प्रदेश मीडिया संयोजक व पूर्वांचल संयोजक पूजा सिंह ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. विपिन यादव ने छात्राओं को HPV वायरस, सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर वैक्सीनेशन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण से हजारों महिलाओं का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।
सेमिनार में सीमन इंस्टिट्यूट के अवधेश सिंह और प्रदीप कुमार त्रिपाठी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में करीब 200 से 300 छात्राओं ने भाग लेकर कैंसर से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
शिब्ली नेशनल कॉलेज के प्रधानाचार्य सहित इतिहास, समाजशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र और उर्दू विभाग के शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने छात्राओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और इस संदेश को समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपजा जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने घोषणा की कि दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट के माध्यम से पहले 100 पंजीकरण कराने वाली छात्राओं को HPV वैक्सीनेशन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद पंजीकरण कराने वालों को न्यूनतम लागत पर यह सुविधा दी जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को जागरूकता संबंधी जानकारी-पत्र वितरित किए गए। समापन पर पूजा सिंह ने कहा, “हमारा सपना है कि कोई भी बेटी सिर्फ जानकारी के अभाव में अपनी जिंदगी न गंवाए। समय पर जागरूकता और वैक्सीनेशन ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत ढाल है।” यह संदेश छात्राओं के साथ-साथ पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी साबित हुआ।



