OTT पर भोजपुरी की छवि को लेकर बवाल: रत्नाकर कुमार की पोस्ट ने छेड़ी बहस, बोले- ‘यह भोजपुरी इंडस्ट्री नहीं है’
Ratnakar Kumar's post sparks debate over Bhojpuri image on OTT platform, says 'This is not the Bhojpuri industry'
भोजपुरी सिनेमा की छवि को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। Worldwide Records के एमडी रत्नाकर कुमार की सोशल मीडिया पोस्ट ने OTT प्लेटफॉर्म पर भोजपुरी इंडस्ट्री को दिखाए जाने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रत्नाकर कुमार ने अपनी पोस्ट में एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा— “भोजपुरी की छवि जो चैनल (OTT) के प्रोड्यूसर ने दिखाई है, वो भोजपुरी इंडस्ट्री नहीं है, तो आप लोग कन्फ्यूज न हों।”
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रत्नाकर कुमार की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है, जब क्षेत्रीय भाषाओं के कंटेंट को OTT प्लेटफॉर्म पर लगातार बड़ा स्थान मिल रहा है। उनकी पोस्ट को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की उस नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें कुछ लोग OTT पर भोजपुरी समाज और फिल्म जगत की एक खास तस्वीर पेश किए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
क्या OTT पर दिखाई गई भोजपुरी की तस्वीर पूरी इंडस्ट्री है?
पोस्ट के जरिए रत्नाकर कुमार ने साफ संकेत दिया है कि OTT पर किसी प्रोजेक्ट में दिखाई गई भोजपुरी की छवि को पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री की वास्तविक तस्वीर नहीं माना जाना चाहिए। उनका यह बयान इंडस्ट्री के उन लोगों की भावनाओं को सामने लाता है, जो लंबे समय से भोजपुरी सिनेमा को केवल विवादित कंटेंट और अश्लीलता के चश्मे से देखे जाने पर आपत्ति जताते रहे हैं।
‘पूरी इंडस्ट्री को बदनाम करने की कोशिश?’
अब सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहा है कि क्या OTT के लिए तैयार किए गए किसी कंटेंट में भोजपुरी की नकारात्मक या विवादित तस्वीर दिखाना पूरे उद्योग की पहचान को प्रभावित कर सकता है? भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का तर्क है कि यहां सिर्फ ग्लैमर या विवादित कंटेंट नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और मनोरंजन से जुड़ी फिल्मों और संगीत का भी बड़ा बाजार है। ऐसे में किसी एक कहानी या किरदारों के आधार पर पूरी इंडस्ट्री का मूल्यांकन करना उचित नहीं माना जा सकता।दूसरी तरफ OTT निर्माताओं का पक्ष यह हो सकता है कि किसी फिल्म या सीरीज की कहानी में समाज या इंडस्ट्री के किसी खास पहलू को दिखाना उसका रचनात्मक अधिकार है। ऐसे में असली विवाद यही है कि रचनात्मक स्वतंत्रता और किसी क्षेत्रीय इंडस्ट्री की सामूहिक छवि—इन दोनों के बीच संतुलन कहां होना चाहिए?रत्नाकर कुमार की पोस्ट ने फिलहाल इस बहस को और हवा दे दी है। अब देखना यह है कि भोजपुरी इंडस्ट्री के दूसरे बड़े निर्माता, निर्देशक और कलाकार इस मुद्दे पर खुलकर सामने आते हैं या नहीं। वही रत्नाकर कुमार की पोस्ट पर लोगों की बहुत ही जबरदस्त प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि रत्नाकर कुमार और भजन सम्राट अनूप जलोटा हिंदी और भोजपुरी फिल्म केवट साथ लेकर आ रहे हैं जिसमें आपको एक अलग ही कहानी देखने को मिलने वाली है।



