आजमगढ़:चार माह में टपकने लगी 48 लाख की स्वास्थ्य इकाई की छत, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
Azamgarh: Roof of health unit worth Rs 48 lakh starts leaking in four months, questions raised on construction quality
नरसिंह पवई/आजमगढ़ । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई परिसर में करीब 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत से निर्मित ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) की छत निर्माण के महज चार माह बाद ही बारिश में टपकने लगी है। इतनी कम अवधि में भवन की छत से पानी रिसने की शिकायत सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि को लेकर सवाल उठने लगे हैं।बताया गया है कि भवन में स्थित लैब का संचालन जून से शुरू हुआ था। यहां प्रतिदिन करीब दो दर्जन मरीज विभिन्न जांचों के लिए पहुंचते हैं। बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकने के कारण लैब टेक्नीशियनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जांच उपकरणों को पानी से बचाने के लिए छत के नीचे बाल्टियां रखनी पड़ रही हैं।पानी के रिसाव से दो पंखे और तीन कंप्यूटर सिस्टम खराब होने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद लैब में बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी, ईएसआर और सीबीसी जैसी जांचें जारी हैं। रिपोर्ट के लिए कागज उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट भेजी जा रही है।
निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग
करीब 48 लाख रुपये की लागत से तैयार भवन के इतने कम समय में खराब होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है तो इतनी जल्दी छत से पानी का रिसाव चिंता का विषय है। वहीं, यदि निर्माण में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।स्थानीय लोगों ने भवन निर्माण की तकनीकी जांच, खर्च की गई राशि और निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भवन में पानी रिसने का कारण क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।लोगों ने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोष पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तथा भवन की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।



