Azamgarh news :हरिहरपुर में हर्षो उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ कजरी महोत्सव

हरिहरपुर में हर्षो उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ कजरी महोत्सव

कलाकार सीमित संसाधनों के बावजूद भी अपनी संगीत परंपरा को नहीं छोड़ता विजय बहादुर पाठक

रोशन लाल पत्रकार बिलरियागंज आजमगढ़

आजमगढ़ जिला का हरिहरपुर संगीत घराना ट्रस्ट एवं हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय हरिहरपुर कजरी महोत्सव का सोमवार को हरिहरपुर संगीत अकादमी के प्रांगण में भव्य शुभारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कलाकारों ने कजरी, भजन, सूफी एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से देर तक श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम की शुरुआत गायक अभिषेक मिश्र की गणेश वंदना ‘गजानंद राखे लाज हमारी….’ से हुई। इसके बाद ‘धन्य है ये धरा, धन्य है आज हम….’, कजरी ‘बरसन लागी सावन बुंदिया राजा’ और सूफी गीत ‘सांसों की माला पे’ की प्रस्तुति ने खूब वाहवाही बटोरी।

भजन गायक उमेश सिंह राठौर ने ‘लगन तुमसे लगा बैठे’ और ‘कहियो दर्शन दीहे हो…’ प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

वहीं गायिका सपना बनर्जी ने ‘देखो सांवरे के संग गोरी झूले हिंडोला….’, ‘बीरन भईया अइहैं अनवईया हो सवनवा में ना जइबे ननदी’ तथा ‘हमरी अटरिया पे आजा रे सांवरिया’ जैसे गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके बाद अनिल मिश्रा ने ‘दुनिया में देवो हजारों, बजरंगबली का क्या कहना’ और कजरी ‘हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया’ प्रस्तुत कर महफिल में रंग भर दिया।

आदर्श मिश्र ने ‘सइयां मिले लड़कइया, मैं क्या करूं’, ‘रेलिया बैरंग पिया को लिये जाए रे’ तथा ‘दोस्त इस जमाने को क्या हो गया, जिसको चाहा वही बेवफा हो गया’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। वहीं हृदय मिश्र ने ‘आयो चाहे जो हो सवना’, ‘मिर्जापुर कईला गुलजार हो, कचैड़ी गली सूँ कईला बलमू’ और ‘गोरिया झूला झुलाने अपना…’ जैसी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

वहीं नितीश मिश्र ने ‘दरोगा जी हो, चार दिन से पियवा बा लापता’ और ‘अइहा ललनवा घर दुश्मन के मार के’ जैसी कजरी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। विशाल एंड ग्रुप की म्यूजिक टीम की बोर्ड पर बादल मिश्र, तबला विशाल मिश्र, अभिषेक मिश्र, आटो पैड संदीप मिश्र ने अपनी शानदार संगत से पूरे समारोह में चार चांद लगा दिए।

बताते चले कि 30 वर्षों से लोक परंपरा को जीवंत रखने का प्रयास करने वाले अजय मिश्र के स्वास्थ्य कारणों से यह महोत्सव इस बार सितंबर में आयोजित हुआ। हरिहरपुर कजरी महोत्सव की सबसे खास बात यह रही कि यह आयोजन करीब 30 वर्षों से लोक संगीत की परंपरा को जीवंत रखने का प्रयास कर रहा है।

संस्था प्रमुख एवं कार्यक्रम व्यवस्थापक अजय मिश्र अपने परिश्रम और लगन से प्रतिवर्ष इस आयोजन को आगे बढ़ाते रहे हैं। अजय मिश्र का कहना है कि हरिहरपुर की पारंपरिक कजरी और लोक संगीत को देश ही नहीं, बल्कि विश्व पटल तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों का निरंतर होना जरूरी है। लोक विधाओं को नई पीढ़ी से जोड़ने और कलाकारों को मंच देने की दिशा में महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्य अतिथि विजय बहादुर पाठक ने कहा कि कलाकार सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी संगीत परंपरा को नहीं छोड़ता। जीवन में कोई भी व्यक्ति पूर्ण रूप से हमेशा सफल नहीं रहता, लेकिन परिस्थितियां चाहे जैसी हों, निरंतर आगे बढ़ते रहना ही उसकी महानता है। उन्होंने लोक संगीत और कजरी जैसी पारंपरिक विधाओं को संरक्षित करने के प्रयासों की सराहना की।

महोत्सव में कजरी और लोक संगीत के बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक भाव-विभोर नजर आए और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। कार्यक्रम का संचालन कमलेश मिश्र ने करते हुए आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अजय मिश्र, आदर्श मिश्र, दीपक मिश्र, नितीश मिश्र, राहुल मिश्र, विशाल मिश्र, संदीप मिश्र सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button