Azamgarh News:जिउतिया पर्व पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मिली राहत, सीएमओ ने तत्काल अवकाश का दिया आदेश
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
जिउतिया पर्व पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मिली राहत, सीएमओ ने तत्काल अवकाश का दिया आदेश
आजमगढ़ जनपद में जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) पर्व को लेकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों की मांग पर मुख्य चिकित्साधिकारी, आजमगढ़ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए 3 अक्टूबर को महिला कर्मचारियों को अवकाश देने का आदेश जारी कर दिया। सीएमओ के इस निर्णय से महिला स्वास्थ्य कर्मियों में खुशी की लहर है और उन्होंने इसे उनकी धार्मिक आस्था एवं परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील पहल बताया है।
दरअसल, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश, जनपद शाखा आजमगढ़ की जिलाध्यक्ष प्रभा सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को जिउतिया पर्व के अवसर पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को एक दिन का अवकाश देने की मांग की थी।
संघ की ओर से दिए गए पत्र में बताया गया था कि 3 अक्टूबर को राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत टीकाकरण अभियान भी प्रस्तावित है। इसी दिन महिलाएं जिउतिया का निर्जला व्रत रखेंगी। व्रत के दौरान महिलाएं करीब 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग करती हैं। ऐसे में महिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए निर्जला व्रत के साथ ड्यूटी का निर्वहन करना शारीरिक रूप से कठिन हो सकता है।
जिलाध्यक्ष प्रभा सिंह ने अनुरोध किया था कि महिला कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए 3 अक्टूबर को एक दिन का अवकाश प्रदान किया जाए और अवकाश के दिन का कार्य बाद में 5 अक्टूबर, सोमवार को पूरा कर लिया जाएगा।
महिला कर्मचारियों की इस मांग को मुख्य चिकित्साधिकारी आजमगढ़ ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान में लिया और 3 अक्टूबर को जिउतिया पर्व के अवसर पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को अवकाश देने का आदेश कर दिया। सीएमओ के इस त्वरित निर्णय से महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
संघ की जिलाध्यक्ष प्रभा सिंह ने सीएमओ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला कर्मचारियों की धार्मिक आस्था और उनकी परिस्थितियों को समझते हुए लिया गया यह निर्णय सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से संवेदनशीलता दिखाए जाने से महिला कर्मियों में सकारात्मक संदेश गया है।
महिला स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि जिउतिया पर्व माताओं के लिए विशेष आस्था का पर्व है। ऐसे में निर्जला व्रत के दौरान ड्यूटी की चिंता से उन्हें काफी परेशानी होती। सीएमओ के तत्काल आदेश से अब वे पर्व को श्रद्धा और विश्वास के साथ मना सकेंगी।
आजमगढ़ सीएमओ के इस निर्णय को महिला स्वास्थ्य कर्मियों के हित में राहत भरा कदम माना जा रहा है।



