मै जानता हूं तेरे पंखों में अभी उड़ान बाकी है

आर्थिक तंगहली के बीच रसड़ा की रितिका भारती अपने को अपने को आगे बढ़ने की हौशल कम नह रही रितिक् ने इंटर की परीक्षा में बलिया में दूसरा व प्रदेश में भी किया नौंवा स्थान पर रही

रिपोर्ट संजय सिंह

रसड़ा (बलिया) कौन पहुंचा है अपनी आखिरी मंजिलों तक, हर किसी के लिए थोड़ा आसमान बाकी है। तुझे लगता है तू, उड़ने के काबिल नहीं, मै जानता हूं तेरे पंखों में अभी उड़ान बाकी है। उक्त पंक्तिया रसड़ा ब्लाक क्षेत्र के अठिलापुरा गांव निवासी रितिका भारती पर सटीक बैठती हैं। रसड़ा क्षेत्र के निर्मल बाबा इंटरमीडिएट कालेज राघोपुर-रसड़ा की कक्षा 12 वीं की होनहार व मेधावी छात्रा रितिका भारती पुत्री वीरेंद्र भारती ने आर्थिक तंगहाली के बावजूद अपनी असीम मेधा, कठिन परिश्रम के बदौलत यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में 96.20 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में नौंवा स्थान के साथ-साथ बलिया जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त कर स्वयं के साथ-साथ विद्यालय व जनपद को गौरान्वित करने का कार्य किया है। मजदूर कर बेटी रितिका की पढ़ाई खर्च उठाने वाले मजदूरी कर व खेती कर पिता वीरेंद्र भारती ने अपनी बेटी की मेधा देखते हुए विकट परिस्थितियों में अच्छी पढ़ाई के लिए हमेशा ही उसे प्रोत्साहित किया जबकि माता कमला देवी घर की जिम्मेदारियों के अलावा रितिका को पढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग में लगी रहीं। एक भाई तथा चार बहनों में सबसे छोटी रितिका भारती होनहार का सपना आई ए एस बनना है और इस शानदार सफलता ने उसके इस लक्ष्य को एक नई उड़ान भरने का कार्य कर दिया है। निर्मल बाबा इंटरमीडिएट के प्रबंधक अनिल सिंह, प्रधानाचार्य अजीजुल्ललाह अंसारी ने विद्यालय इस होनहार बेटी को फूल-मालाआें से स्वागत करते हुए उसके पढ़ाई में में आने वाली हर चुनौतियों में पूर्ण सहभागिता निभाने का भरोसा दिलाया है।

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