रक्षाबंधन पर घर आकर राखी बंधवानें की हसरत जितेंद्र की रह गई अधूरी
हजारीबाग स्टील प्लांट में विस्फोट में मृत जितेंद्र का शव पहुंचने पर कोहराम

रिपोर्ट संजय सिंह
रसड़ा (बलिया) झारखंड प्रांत के हजारीबाग के बरही में संचालित पवन पुत्र स्टील प्लांट में लोहा पिघलाने के दरम्यान मंगलवार को हुए विस्फोट में बलिया जिला के रसड़ा कोतवाली अंतर्गत रसड़ा बाहरी (गढिया) गांव निवासी जितेंद कुमार पुत्र स्व. मोहन प्रसाद का शव गुरूवार की सुबह 7.30 बजे गढ़िया गांव पहुंचने पर स्वजनों सहित पूरे मुहल्ले में कोहराम मच गया। वैसे तो जितेंद्र उस प्लांट में चार वर्ष से कार्य करता था किंतु तीन माह पूर्व यहां से हजारीबाग गए हुए थे। जितेंद्र कुमार ने अपनी चार बहनों को आश्वास्त किया था कि इस रक्षाबंधन पर उनसे राखी जरूर बंधवायेगा किंतु अनहोनी को टाला नही जा सकता। होनी को कुछ और ही मंजूर था। तीन भाईयों सुधीर, जितेंद्र व सचिता में जितेंद्र माझिल था। पिता के मौत के बाद से ही परिवारिक जिम्मेदारी निभाने के लिए वे हजारी बाग के बरही स्थित उक्त स्टील प्लांट में बतौर सीनियर आपरेटर का कार्य रहे थे कि मंगलवार को लोहा पिघलाते समय हुए विस्फोट में जितेंद्र कुमार के साथ-साथ पांच और मजदूरों की मौत हो गई थी जबकि कई श्रमिक घायल हो गए थे। जितेंद्र का शव पहुंचने पर पत्नी पूनम देवी, माता राजेश्वरी देवी तथा बहनों का रो-रो कर हाल बुरा रहा वहीं जितेंद्र के मासूम पुत्र तरूण व अरूण तथा पुत्री किरन के आंखों में इस दुनिया से पिता का साया उठ जाने का दर्द साफ दिखाई पड़ा। जितेंद्र का अंतिम संस्कार गांव के ही शमशान घाट पर हुआ जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल रहे।
मृत श्रमिक जितेंद्र कुमार। फाइल फोटो।
रसड़ा के गढिया गांव में मृतक जितेंद्र कुमार का शोकाकूल स्वजन व रिश्तेदार ।



