काकोरी ट्रेन एक्शन स्वतन्त्रता प्राप्ति का उद्घोष : प्रो.शम्भुनाथ तिवारी,
बीआरडी बीडी पीजी कॉलेज में काकोरी ट्रेन एक्शन के 100वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम हुआ आयोजित, वर्तमान सरकार द्वारा काकोरी घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन का दिया गया नाम।

जिला संवाददाता, विनय मिश्र
देवरिया,काकोरी घटना भारतीय स्वातन्त्र्य समर का वैश्विक उद्घोष था। इस एक्शन ने अंग्रेजो की नीदें उड़ा दी थी। अंग्रेजो के खजाने लूटकर भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के लिये हथियार खरीदने की योजना थी। यह असहयोग आंदोलन के बंद होने से उपजी निराशा का आक्रोश था।
उक्त बातें स्थानीय बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में काकोरी ट्रेन एक्शन के 100 वीं वर्षगांठ पर आयोजित गोष्ठी के दौरान प्राचार्य प्रो.शम्भुनाथ तिवारी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि इस एक्शन में शामिल चार क्रांतिकारियों रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी को फांसी की सज़ा हुई। उत्तर प्रदेश सरकार ने काकोरी कांड का नाम बदल कर काकोरी ट्रेन एक्शन कर दिया है। उनका मानना है कि कांड शब्द भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अंतर्गत काकोरी घटना के अपमान की भावना को प्रदर्शित करता है। कार्यक्रम को प्रो०दर्शना श्रीवास्तव, डॉ०सज्जन गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस दौरान डॉ प्रज्ञा तिवारी, डॉ वेद प्रकाश सिंह, डॉ बृजेश यादव, डॉ अजय बहादुर, डॉ संजीव जायसवाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्राचीन इतिहास विभाग के डॉ. सज्जन कुमार गुप्ता ने किया।



