बेंगलुरू एफसी ने ईस्ट बंगाल से जीती पहली बाजी
Bengaluru FC won their first match against East Bengal

बेंगलुरू: बेंगलुरू एफसी ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सीजन 2024-25 में अपने अभियान की शुरुआत जीत से की। ब्लूज ने शनिवार को अपने घरेलू मैदान श्री कांतीरवा स्टेडियम में खेले गए अपने पहले मैच में ईस्ट बंगाल एफसी 1-0 से हरा दिया। बेंगलुरू एफसी की जीत में 19 वर्षीय युवा मिडफील्डर विनीत वेंकटेश ने अपने डेब्यू मैच का पहला गोल 25वें मिनट में किया। बेंगलुरू एफसी का सबसे युवा गोल स्कोरर बनने के लिए विनीत को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।
ब्लूज की जीत से स्पेनिश हेड कोच जेरार्ड जारागोजा निश्चित रूप से प्रसन्न होंगे, क्योंकि बेंगलुरू एफसी ने आईएसएल में ओपनिंग मैच जीतने का बेहतरीन रिकॉर्ड कायम रखा। वहीं, रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड की हार से स्पेनिश हेड कोच कार्लेस कुआड्राट जरूर खफा होंगे, क्योंकि इस परिणाम के बाद ईस्ट बंगाल एफसी का खराब शुरुआत का आंकड़ा बरकरार रहा।
मैच का एकमात्र गोल 25वें मिनट में आया, जब 19 वर्षीय युवा मिडफील्डर विनीत वेंकटेश ने अपने पहले ही आईएसएल मुकाबले में गोल करके बेंगलुरू एफसी को शुरुआती बढ़त दिलाते हुए स्कोर 1-0 कर दिया। अटैकिंग थर्ड पर गेंद पाने के बाद स्पेनिश विंगर एडगर मेंडेज ने बॉक्स के अंदर दाहिनी तरफ पास दिया, जिस पर विनीत ने करारा राइट फुटर ग्राउंड शॉट लगाकर गेंद को लेफ्ट बॉटम कॉर्नर के अंदर पहुंचा दिया जबकि ईस्ट बंगाल के गोलकीपर प्रभसुखन गिल अपनी दाहिनी तरफ डाइव लगाकर भी बचाव नहीं कर पाए। इसके साथ ही विनीत बेंगलुरू एफसी के लिए गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए ।
ईस्ट बंगाल को 87वें मिनट में झटका लगा, जब रैफरी क्रिस्टल जॉन ने राइट-बैक लालचुंगनुंगा को दूसरा येलो कार्ड (रेड कार्ड) दिखाकर मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया। उन्हें यह सजा राइट विंग में रयान विलियम्स के खिलाफ फाउल करने के लिए मिली। इस कारण ईस्ट बंगाल को अंतिम समय में दस खिलाड़ियों से खेलना पड़ा। लालचुंगनुंगा को पहला येलो कार्ड आठवें मिनट में मिला था।
पहला हाफ बेंगलुरू एफसी के पक्ष में रहा, जिसकी वजह विनीत वेंकटेश का गोल रहा। विनीत के डेब्यू गोल की मदद से ब्लूज 1-0 की बढ़त के साथ हाफ टाइम ब्रेक पर गए। गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बेंगलुरू एफसी का 55 फीसदी रहा। ब्लूज की तरह से पांच प्रयास किए गए, जिनमें से एक टारगेट पर रहा और उसी पर गोल आया। वहीं, गेंद पर 45 फीसदी कब्जा रखने वाली ईस्ट बंगाल एफसी की ओर से चार प्रयास किए गए, जिनमें से एक टारगेट पर रहा।



