भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने सबसे पहले रखा करवा चौथ व्रत, आचार्य अजय शुक्ल, 

20 अक्टूबर को रखा जाएगा करवा चौथ व्रत। 

 

विनय मिश्र, जिला संवाददाता।

 

सलेमपुर, देवरिया। करवा चौथ व्रत सनातन धर्म व संस्कृति का प्रमुख त्योहार है, यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस बार यह व्रत 20 अक्टूबर को रखा जाएगा। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 19 अक्टूबर को शाम को 6 बजकर 17 मिनट पर हो रहा है ,यह तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। उदया काल में चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर को रह रही है, इस कारण यह त्योहार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस व्रत की सबसे पहले शुरुआत मां पार्वती जी ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए रखा था। इस व्रत के पश्चात ही उनका विवाह शिव जी के साथ हुआ था। एक और मान्यता है कि करवा चौथ के दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है।इसलिए सुहागिन महिलाएं चन्द्रमा से अपने पति के लम्बी आयु की कामना और उनके सुख समृद्धि के लिए पूजा अर्चना करती हैं।

आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि व्रत की शुरुआत हमेशा सरगी खाने से की जाती है,जो सूर्योदय से दो घण्टे पहले खाई जाती है।व्रत के दौरान करवा माता ,भगवान गणेश,व चन्द्रमा की विधिनुसार पूजा अर्चना की जाती है।पूरे दिन उपवास के बाद चन्द्रमा के उदय के साथ उनका छ्लनी से दर्शन के पश्चात पति का भी दर्शन कर व्रत का समापन होता है। इस बार चंद्रोदय 20 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 53 मिनट पर हो रहा है तो व्रत का समापन भी इसके बाद ही होगा।

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