खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से संबंधित नियम एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में हुई बैठक। 

[responsivevoice_button rate="1" pitch="1.0" volume="0.9" voice="Hindi Female" buttontext="Listen This News"]

 

विनय मिश्र, जिला संवाददाता।

 

देवरिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से संबंधित जनपद स्तरीय समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में एडीएम प्रशासन ने जनपद में खाद्य सुरक्षा और औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेस्टोरेंट, स्ट्रीट वेंडर और खाद्य कारोबारियों को एक ही तेल का बार-बार उपयोग करने के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की बात कही। उन्होंने बताया कि बार-बार तलने से तेल में हानिकारक कॉर्सेनिक तत्व उत्पन्न होते हैं, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसके समाधान के रूप में, रीयूज्ड तेल को बायोडीजल के रूप में बेचने का सुझाव दिया गया। उन्होंने जानकारी दी कि गत माह जनपद के तीन रेस्टोरेंट ने 182 लीटर रीयूज्ड तेल 40 रुपये प्रति लीटर की दर से लखनऊ स्थित केएनपी अराइजेस को बेचा है।

बैठक में बताया गया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इस वर्ष अब तक 271 विधिक और 507 सर्विलांस नमूने संग्रहित किए हैं। इसके अलावा, 43 मेडिकल स्टोर की भी जांच की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ की पहचान के लिए फूड सेफ्टी व्हील्स” का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा बिनय कुमार सहाय ने जानकारी दी कि जनपद की 10 राइस मिलों को फोर्टिफिकेशन सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है और वे फोर्टिफाइड चावल का उत्पादन कर रही हैं। हाइजीन रेटिंग कार्यक्रम के तहत जनपद के 42 खाद्य कारोबारियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए हैं।

बैठक में सीएमओ डॉ. राजेश झा, सीओ संजय रेड्डी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र, डीएसओ संजय पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी अनिल भारती, व्यापारी नेता शक्ति गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button