देवरिया:श्री राम जन्म की कथा तृतीय दिवस पर प्रेमभूषण जी महाराज के श्री मुख से

रिपोर्ट:भगवान उपाध्याय
बरहज ,देवरिया।बाबा महेंद्र नाथ की पावन तपोभूमि महेन में श्री राम कथा के तृतीय दिवस पर प्रेम मूर्ति प्रेमभूषण जी महाराज ने प्रभु श्री राम के जन्म महोत्सव पर श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया महाराज जी ने कहा कि चक्रवर्ती महाराज दशरथ बड़े ही दुखी थे क्योंकि उनके पास पुत्र नहीं थे जिसको लेकर उन्होंने अपने गुरु वशिष्ठ के पास जाकर अपने हृदय की पीड़ा व्यक्ति की गुरु वशिष्ठ ने कहा कि महाराज आप दुखी ना हो एक नहीं आपके चार-चार पुत्र होंगे। पुत्र प्राप्ति के लिए महाराज दशरथ ने यज्ञ किया इसके बाद चार पुत्रों की प्राप्ति हुई राम,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, पुत्र रत्न की प्राप्ति का संदेश जब महाराज श्री को मिला तो उन्हें ब्रह्मानंद की अनुभूति होने लगी, दशरथ पुत्र जन्म सुनी काना मानहु ब्रह्मानंद समाना।। प्रभु के जन्म के अवसर पर पूरे अवध में बधाई बजने लगी अवध की प्रजा खुशी से झूम उठी महाराज दशरथ ने अयोध्या का राजकोष धन गोदान किया देवता गण आकाश से फूलो कि वर्षा की। कार्यक्रम में बाबू बिजेश्वरी सिंह, मनमोहन मिश्रा, थानाध्यक्ष नवीन चौधरी, उप निरीक्षक रंजीत कुमार सिंह ,चंद्रशेखर सिंह ,रविंद्र यादव ,हेड कांस्टेबल अवधेश यादव, डॉक्टर धनंजय सिंह ,शिव कुमार, आशुतोष ,दीपू ,गणेश दुबे, कमलेश दुबे, बिन्नू प्रधान, आयोजक चंदन गोस्वामी सहित क्षेत्र के गणमान्य एवं श्रद्धालु जन काफी संख्या में उपस्थित रहे।



