आजमगढ़:जब दिल और दिमाग से हटा कानून का डर तब पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर सिपाही ने लिया कर,मामला आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाने पर तैनात एक सिपाही

रिपोर्ट:रोशन लाल
बिलरियागंज/आजमगढ़:वैसे तो उत्तर प्रदेश पुलिस अपने कारनामों के बलबूते हमेशा चर्चाओं में बनी रहती है कहीं पैसे के लेनदेन को लेकर तो कहीं फर्जी एनकाउंटर को लेकर तो कहीं किसी को फर्जी मुकदमे में फंसने को लेकर।हद तो तब हो जाती है जब कोर्ट में लंबित मुकदमों के बाद भी ऐसे मामलों में अपना जजमेंट सुना कर कहीं ना कहीं अवैध कब्जा कराही देती है । अक्सर इस तरह की घटना सुनने और देखने को मिलती रहती है । इसी कड़ी में गंभीर थाने पर तैनात एक सिपाही ने एक व्यक्ति से पासपोर्ट वेरिफिकेशन के के लिए रुपए 22 00 सुविधा शुल्क के नाम पर ले लिया । लेकिन जब इस बात का खुलासा हुआ तो अपनी बदनामी होते देख वह उस व्यक्ति को पैसे वापस भी कर दिया।जानकारी के अनुसार गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अंबरपुर गांव निवासी अभय चौहान पुत्र प्रेम कुमार चौहान ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, आवेदन के उपरांत पासपोर्ट ऑफिस बनारस 8 तारीख को जाकर वेरिफिकेशन करवा कर वापस आया कि आज शनिवार को गंभीरपुर थाने परतैनात सिपाही अतुल मिश्रा अपने साथी के साथ अभय चौहान के घर पहुंच कर पासपोर्ट रिपोर्ट वेरीफिकेशन के नाम पर ₹2200 ले लिया, पीड़ित ने जब पूछा तो बताया कि ऊपर तक सबको देना पड़ता है, जानकारी होने पर कांस्टेबल अतुल मिश्रा से पूछने पर सीधे ना में जवाब दिया, इस बात की सूचना फौरन तत्कालीन थाना अध्यक्ष विनय कुमार सिंह को अवगत कराया गया, तो उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया और पीड़ित का पैसा वापस दिलाने का भी भरोसा दिलाया, थानाध्यक्ष का दबाव बढ़ने पर कॉन्स्टेबल ने 10 मिनट के अंदर आनन फानन में पैसा पीड़ित के नंबर पर गूगल पे यूपीआई ट्रांजैक्शन के माध्यम से ऑनलाइन पैसा खाते में वापस कर दिया, रह गई बात की जहां जनपद में जीरो टारलेंस नीति अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य की कार्यशैली चल रही है, वहीं पुलिस महकमा पीड़ितों को किसी न किसी माध्यम से पैसा वसूली कर रहे हैं, इस बात का ताजा उदाहरण आज देखने को मिला इससे ज्ञात होता है कि हर पासपोर्ट रिपोर्ट पर गंभीरपुर पुलिस द्वारा ₹2200 तय रुपए लिया जाता है, अब देखना है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा कहां तक निर्णय लिया जाता है, यही नहीं लगता है कि नवागत थानाध्यक्ष को भी जानकारी है, कि पासपोर्ट रिपोर्ट के नाम पर पैसा वसूला जाता है, कुल मिला-जुला कर थाने के हर कर्मचारी की मिली भगत से पैसा वसूलने का कार्य चल रहा है l ऑडियो वायरल होने पर क्षेत्र में चर्चा जोरों शोरों पर है ।

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