Azamgarh news:अतरौलिया में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भसमापन दिवस पर संगोष्ठी आयोजित
Symposium on International Safe Abortion Day held at Atraulia

रिपोर्ट:चन्द्रेश यादव
अतरौलिया/आजमगढ़:ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान एवं कॉमन हेल्थ के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान द्वारा 100 शैय्या संयुक्त जिलाचिकित्सालय अतरौलिया आजमगढ़ के प्रांगण समुदाय की महिलाओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भसमापन दिवस की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि सी.एम.एस. डॉ. दिनेश प्रसाद सिंहा, मैट्रन प्रेमा यादव, सी.एच.सी. से अधीक्षक डॉ. हरिश्चंद्र, एच.ई.ओ. जितेंद्र कुमार, बी.सी.पी.एम. सुरेश पांडेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजदेव चतुर्वेदी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भसमापन दिवस यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों, विशेष रूप से सभी महिलाओं के लिए सुरक्षित गर्भसमापन सेवाओं तक पहुंच को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जो एक आवश्यक स्वास्थ्य सेवा है। सुरक्षित गर्भसमापन को स्वास्थ्य अधिकारों का एक हिस्सा माना जाता है, और हर महिला को यह तय करने का अधिकार है कि वह कब गर्भवती होना चाहती है। इस दिन का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित गर्भसमापन सेवाओं तक पहुंच को बढ़ावा देना है, जो अनचाही गर्भावस्था से जुड़ी बीमारियों और मातृ मृत्यु दर को कम करने में मदद करता है। यह दिन दुनिया भर में गर्भसमापन कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों के लिए एकजुट होते हैं। सभी महिलाओं और लड़कियों को बिना किसी भेदभाव के सुरक्षित, प्रभावी, किफायती और स्वीकार्य गर्भनिरोधक तरीकों और सुरक्षित गर्भपात सेवाओं तक पर्याप्त पहुंच होनी चाहिए। लिंग भेदभाव के विरुद्ध अभियानों का समर्थन किया जाना चाहिए, खासकर जब यह महिलाओं की गर्भसमापन सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करता हो। सुरक्षित गर्भसमापन को सुनिश्चित करने के लिए एक ऐसा कानूनी और नैतिक ढांचा आवश्यक है जो महिलाओं को उनके प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में उचित निर्णय लेने में सक्षम बनाए। सी.एम.एस डॉ. दिनेश प्रसाद सिंहा द्वारा बताया गया कि यदि घर में महिला स्वस्थ है तो परिवार स्वस्थ है। अगर कोई महिला एक से दो बच्चे चाहती है और उसके बाद बच्चा नहीं चाहती है तो अस्पताल में अस्थाई साधन उसका वह इस्तेमाल कर सकती है। हमारे अपने गांव में आशा व आशा संगिनी बहने रखी गई हैं, आप सभी बहनें उनसे जुड़े रहे और बात करें और इन अस्थाई साधनों पर बात करें । एक महिला को अपने शरीर, अपने स्वास्थ्य और अपने भविष्य पर पूरा अधिकार है। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला असुरक्षित गर्भपात की वजह से अपनी जान न गँवाए । सुरक्षित गर्भसमापन – एक अधिकार भी है और जीवन बचाने का साधन भी। आप हमारे यहां अस्पताल पर आइए, यहां पर निःशुल्क सेवाएं आप सब के लिए उपलब्ध है आप उसका लाभ उठाइए।



