Azamgarh news:नगर पंचायत महराजगंज के लिपिक मनोज कुमार सिंह को निलंबित किया गया
अनियमितताओं और कूट रचना के आरोप में लिपिक मनोज कुमार सिंह निलंबित

आजमगढ़। जिले के नगर पंचायत महराजगंज में तैनात लिपिक मनोज कुमार सिंह को उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
1. कार्य प्रणाली में अनियमितता और कूट रचना: नवसृजित नगर पंचायत बूढ़नपुर और मार्टिनगंज से सम्बद्धता समाप्त होने के बावजूद मनोज कुमार सिंह ने इन दोनों नगर पंचायतों का अनियमित रूप से कार्य देखना जारी रखा। इसके अलावा, सेवा संबंधी अभिलेखों में कूट रचना की शिकायत पर जांच के दौरान सभी वांछित अभिलेखों को प्रस्तुत नहीं किया, जिससे जांच प्रभावित हुई। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की जांच रिपोर्ट दिनांक 03.10.2024 में मनोज कुमार सिंह की कार्यप्रणाली को संदिग्ध पाते हुए उन्हें दोषी पाया गया है।
2. अधिकारों का दुरुपयोग: 31 जुलाई 2023 को जिलाधिकारी के आदेशानुसार नगर पंचायत बूढ़नपुर और मार्टिनगंज से सम्बद्धता समाप्त कर दी गई थी। इसके बावजूद मनोज कुमार सिंह ने स्वेच्छा से इन नगर पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभाला और अपने यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके अपने सगे संबंधियों को लाभ पहुंचाने के लिए जेम पोर्टल पर निविदाएं अपलोड की। इसके बाद, दोषपूर्ण कार्यवाही कर इन निविदाओं की स्वीकृति प्राप्त की गई। संयुक्त जांच रिपोर्ट दिनांक 12.08.2025 में मनोज कुमार सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।
निलंबन अवधि के दौरान वित्तीय नियमों का पालन:
निलंबन अवधि में मनोज कुमार सिंह को जीवन निर्वाह भत्ते की राशि, उनके औसत वेतन या अवकाश वेतन के बराबर दी जाएगी, जैसा कि वित्तीय नियम संग्रह खंड-2 भाग-2 के मूल नियम-53 के अनुसार होता है। हालांकि, उन्हें महंगाई भत्ता इस अवधि में नहीं दिया जाएगा, यदि निलंबन से पहले वेतन के साथ कोई महंगाई भत्ता प्राप्त नहीं हुआ था।निलंबन अवधि में, मनोज कुमार सिंह को नगर पंचायत महराजगंज कार्यालय से सम्बद्ध किया जाएगा, और विभागीय कार्यवाही के इस मामले में अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत महराजगंज जांच अधिकारी होंगे। अधिशासी अधिकारी/जांच अधिकारी एक पक्ष आरोप पत्र तैयार कर इसे अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करेंगे और निर्धारित समय सीमा में जांच कार्यवाही पूरी कर इसे उच्च अधिकारियों के पास प्रस्तुत करेंगे।
प्रमाण पत्र की आवश्यकता: निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान केवल तभी किया जाएगा जब मनोज कुमार सिंह यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या वित्त व्यवसाय में नहीं लगे हैं।इस तरह की अनुशासनिक कार्यवाही से यह स्पष्ट है कि सरकारी कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदेह और ईमानदार रहना चाहिए।



