Azamgarh News: फर्जी ‘PM KISAN YOJANA (.APK)’ ऐप के नाम पर साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार,7.77 लाख की ठगी का खुलासा, 17.50 लाख बैंक राशि फ्रीज़

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आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

फर्जी ‘PM KISAN YOJANA (.APK)’ ऐप के नाम पर साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार,7.77 लाख की ठगी का खुलासा, 17.50 लाख बैंक राशि फ्रीज़

आज़मगढ़ जनपद में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत आजमगढ़ साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी “PM KISAN YOJANA (.APK)” ऐप भेजकर अंतर्राज्यीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह द्वारा अब तक लाखों की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के पास से 03 मोबाइल फोन, ₹26,500 नकद बरामद हुए, जबकि आरोपियों के बैंक खातों में जमा ₹17.50 लाख की राशि फ्रीज़ कर दी गई है। 18 नवंबर 2025 को गंभीरपुर क्षेत्र के करन गुप्ता के व्हाट्सऐप नंबर पर एक फर्जी APK लिंक भेजा गया था। लिंक इंस्टॉल करते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो गया और उनके बैंक खाते से ₹7,77,000 की अवैध निकासी कर ली गई।
तकनीकी विश्लेषण, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस ने गिरोह के दोनों सक्रिय सदस्यों को धर-दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों में 1. परवेज अंसारी, निवासी देवरिया – वर्तमान: उत्तरधौना, लखनऊ 2.मो.कलीम, निवासी तिवारीगंज, लखनऊ
पूछताछ में दोनों ने कबूला कि सोशल मीडिया पर उनकी मुलाकात एक मो. समद नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उन्हें ठगी के धंधे से जोड़ा। समद संदिग्ध खातों, ATM कार्ड आदि को गिरिडीह (झारखंड) स्थित पते पर मंगवाता था और बदले में 10% कमीशन देता था। धनराशि पहले इन खातों में आती थी, फिर आरोपी अपना हिस्सा निकालकर शेष रकम गिरोह को ट्रांसफर कर देते थे।
मो. समद, साइबर गैंग का सक्रिय सदस्य (पता अज्ञात)
पुलिस इसकी तलाश में दबिश दे रही है। व्हाट्सऐप/सोशल मीडिया के माध्यम से सरकारी योजना के नाम पर फर्जी APK ऐप भेजना।ऐप इंस्टॉल होते ही मोबाइल का डेटा और बैंक संबंधी जानकारी हैक हो जाती थी।
हैकिंग के जरिए खातों से बड़ी धनराशि निकाल ली जाती थी।
ठगी की रकम विभिन्न खातों से घुमाकर गैंग तक पहुँचाई जाती थी। जांच में पता चला है कि गिरोह के खिलाफ यूपी और महाराष्ट्र में 03 और साइबर ठगी की शिकायतें (NCRP) दर्ज हैं। अपराध की गंभीरता देखते हुए मामले में धारा 111(1) और 317(2) BNS की बढ़ोतरी की गई है। जनपद की पुलिस ने आम लोगों से अपील किया कि
केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें,किसी भी अनजान लिंक से आए APK ऐप को इंस्टॉल न करें,WhatsApp/Instagram से आए ऐप लिंक पर क्लिक न करें,ऐप की Permissions चेक करें,मोबाइल संक्रमित लगे तो तुरंत संदिग्ध ऐप हटाएँ, सेफ मोड में स्कैन करें, आवश्यकता होने पर बैकअप लेकर फैक्ट्री रीसेट करे

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