Azamgarh news :निजी औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना का हुआ प्रख्यापन योजना के तहत 7 मीटर चौड़ी सड़क किनारे ही बनेगा औद्योगिक पार्क
निजी औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना का हुआ प्रख्यापन योजना के तहत 7 मीटर चौड़ी सड़क किनारे ही बनेगा औद्योगिक पार्क

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
उपायुक्त उद्योग श्री एसएस रावत ने सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि अपर मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन द्वारा निजी औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना का प्राख्यापन किया गया है। इसके अन्तर्गत औद्योगिक भूमि की आवश्यकता को सुनिश्चित कराने हेतु निजी औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना PLEDGE (Promoting Leadership and Enterprise for Development of Growth Engines) लागू की गयी है जिसे निजी प्रवर्तक के द्वारा Build, Own, Operate (BOO) के आधार पर संचालित किया जायेगा।
इस योजना के अन्तर्गत इच्छुक निजी प्रवर्तकों द्वारा 10 एकड़ से 50 एकड़ तक की भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जा सकता है जिसके लिये भूमि के स्वामित्व के कागजात जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र को उपलब्ध कराना होगा और चयनित भूमि का भू-उपयोग औद्योगिक इकाईयों की स्थापना हेतु किया जायेगा।
तत्क्रम में निजी औद्योगिक पार्क विकसित किये जाने की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुये शासन द्वारा निम्नवत संसोधन किये गये हैं ताकि औद्योगिक पार्क विकसित किया जाना सुगम हो सकेः-
1-प्लेज पार्क के लिये प्रस्तावित भूमि को न्यूनतम 7.0 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़े होने का प्राविधान किया गया है। यदि प्लेज पार्क का क्षेत्रफल 15 एकड़ से 50 एकड़ के मध्य होगा, तो राज्य सरकार के पी0डब्ल्यू0डी0 विभाग द्वारा प्लेज पार्क तक 2.5 कि0मी0 सड़क निर्माण कराया जायेगा।
2-एमएसएमई विभाग द्वारा प्लेज पार्क विकसित होने वाले तथा पूर्व में विकसित ऐसे सभी प्लेज पार्कों पर 25 प्रतिशत विकास शुल्क अधिरोपित किया जाएगा जो विकास प्राधिकरणों के नोटिफाइड क्षेत्र में स्थापित एवं विकसित होंगे। नोटिफाइड क्षेत्र के बाहर विकसित प्लेज पार्कों पर किसी प्रकार का विकास शुल्क नहीं लगेगा।
3-प्राधिकरण के नोटिफाइड क्षेत्रों के अन्दर विकास प्राधिकरण द्वारा ही मानचित्र स्वीकृत किये जायेगें, अन्यत्र क्षेत्रों में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग अथवा उनके द्वारा नामित प्राधिकारी द्वारा किये जायेगें।
4- प्लेज पार्क में स्टाम्प शुल्क देयता के लिए सम्पूर्ण औद्योगिक आस्थान को एक इकाई माना जाएगा और 07 मीटर या उससे अधिक चौड़े मार्ग पर स्थिति औद्योगिक भू-खण्ड के मूल्याकंन हेतु एक समान सर्किल दर निर्धारित की जाएगी।
5-विलेखों की पुष्टि, छूट और औद्योगिक आस्थानों का मूल्यांकन जिलाधिकारी द्वारा या जिलाधिकारी के अनुमोदन से उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र द्वारा किया जाएगा।
6-औद्योगिक पार्क को विकसित करने हेतु प्रवर्तकध्प्रमोटर परियोजना रिपोर्ट में दर्शायी गयी लागत अथवा मांगी गयी धनराशि, में से जो कम हो, एक प्रतिशत व्याज पर उपलब्ध करायी जयेगी।
7-कुल विकसित औद्योगिक प्रयोजन की भूमि में से अधिकतम 10 प्रतिशत भूमि पर होटल, रेस्तराँ, जलपान,विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल/डीजल/सीएनजी, चिकित्सालय, बैंकिंग ,डारमेट्री आदि जैसी व्यापारिक एवं वाणिज्यिक सुविधाएं अनुमन्य होंगी।
8-उपर्युक्त सभी प्रावधान पूर्व में स्वीकृत किये गये प्लेज पार्कों पर भी यथावत लागू होंगे।



