Deoria news, जनवादी लेखक और कवि, ध्रुव देव मिश्र पाषाण की पहली पुण्यतिथि मनाई गई
जनवादी लेखक व कवि ध्रुवदेव मिश्र ‘पाषाण’ की पहली पुण्यतिथि मनाई गई
देवरिया।
। स्थानीय विकास खण्ड के ग्राम ईमिलिया निवासी जनवादी लेखक व कवि घ्रुवदेव मिश्र ‘पाषाण’ की पहली पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उनके सुपुत्र पत्रकार वाचस्पति मिश्र द्वारा विराट कवि सम्मेलन, कम्बल वितरण व सहभोज का आयोजन किया गया। पत्रकार वाचस्पति मिश्र, उनके बड़े भाई पूर्व ग्राम प्रधान विश्वदेव मिश्र व कवियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती व कवि ध्रुवदेव मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया।
कवित्री गुंजा गुप्ता ने अपनी सरस्वती वंदना से कविता की शुरूआत किया। कवि मृत्युंजय लाल खेसारी ने अपनी कविता प्रस्तुत कर खुब तालियां बटोरी। कवि व जिला पंचायत सदस्य अमित रज्जक ने एक गीत प्रस्तुत कर शमां बांध दिया। रमेश सिंह दीपक ने अपनी कविता ‘कल कभी जीवन में आता नही, आदमी बेचारा जानता नही’ पढ़ा। रामेश्वर तिवारी ने अपनी एक रचना पढ़ी।
कवि सौदागर सिंंह ने अपनी कविता बसन्त मिलन के बाद मेरे जीवन में पतझड बनकर जुदाई आयी के साथ ही कवि पाषाण जी पर निर्गुण गाकर उनकी यादें ताजा कर दी। बादशाह प्रेमी ने तो अपनी भोजपुरी कविता सुनाकर उपस्थित लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर कवि सम्मेलन में कवि इन्दु कुमार दीक्षित, जगदीशच उपाध्याय, अनिल त्रिपाठी, श्रीप्रकाश, रवीन्द्र तिवारी आदि ने ध्रुवदेव मिश्र पाषाण के जीवन पर आधारित कविता प्रस्तुत कर पुण्यतिथि को् सार्थक बनने में कोई कसर नही छोडी। इस अवसर पर सभी कवियों एवं जनप्रतिनिधियों को आयोजक विश्वदेव मिश्र व पत्रकार वाचस्पति मिश्र ने माल्यार्पण कर, स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। ठंड को देखते हुए गरीबों व असहायों में कम्बल भी वितरण किया गया।अनिल पाण्डेय, धनंजय सिंह, विपुल तिवारी, श्रीराम प्रसाद, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह बबलू, डॉ चतुरानन ओझा आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कवि पाषाण के जीवन शैली व उनके रचनाओं के सम्बन्ध में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि इन्दुकुमार दीक्षित व संचालन ब्रजेश मिश्र व अरुण कुमार तिवारी ने संयुक्त रुप में किया।


