आजमगढ़ में पुलिस का तानाशाही रवैया, पत्रकारों में आक्रोश,खबर कवरेज करने पहुंचे पत्रकार से बदसलूकी, मोबाइल छीना
Authoritarian attitude of police in Azamgarh, anger among journalists, misbehavior with journalist who came to cover the news, mobile snatched.

आजमगढ़ 09 जनवरी:जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस द्वारा पत्रकार के साथ अभद्रता का गंभीर मामला सामने आया है। अवैध रूप से जमीन कब्जा किए जाने की सूचना पर खबर कवरेज के लिए पहुंचे एक पत्रकार के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी किए जाने का आरोप लगा है, जिससे जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।प्राप्त जानकारी के अनुसार परफेक्ट मिशन अखबार के ब्यूरो चीफ शिव प्रकाश चतुर्वेदी को जमीन कब्जे की सूचना मिलने पर मौके पर बुलाया गया था। जब वे घटनास्थल पर पहुंचकर वीडियो कवरेज कर रहे थे, तभी रानी की सराय थाने में तैनात दरोगा सुनील यादव ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और भद्दी-भारी गालियां देते हुए “सारी पत्रकारिता निकाल देने” की धमकी दी। बताया जाता है कि मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बावजूद दरोगा लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता रहा।पीड़ित पत्रकार शिव प्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने तत्काल इस घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार को दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि रानी की सराय थाने के एसएचओ सुनील कुमार सिंह और एएसआई सुनील कुमार यादव द्वारा भी उन्हें अपमानित किया गया।घटना से आहत होकर आज शिव प्रकाश चतुर्वेदी ने कई वरिष्ठ पत्रकारों के साथ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन केवल आश्वासन के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे पत्रकारों में नाराजगी और बढ़ गई है।पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस का यही रवैया जारी रहा तो वे उच्च अधिकारियों से मिलकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं पीड़ित पत्रकार ने साफ कहा है कि यदि दो दिनों के भीतर दरोगा सुनील यादव पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कठोर कदम उठाने को बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दरोगा की होगी।देश में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। पत्रकारों का कहना है कि अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



