Azamgarh news :सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को शून्य पर लाने के उद्देश्य से आज सेव लाइफ फाउंडेशन (SaveLIFE Foundation) द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के सहयोग से ‘जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD)’ कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को एनएचएआई एवं यूपीडा के सहयोग से सड़क दुर्घटनाओं को प्रभावी रूप से नियंत्रित कर उन्हें न्यूनतम से शून्य स्तर तक लाने के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि ZFD पहल के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।
कार्यक्रम के उपरांत सेव लाइफ फाउंडेशन, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़ श्री अतुल कुमार यादव, एनएचएआई एवं प्रभारी यातायात श्री संजय कुमार पाल द्वारा शहर क्षेत्र में चिन्हित ब्लैक-स्पॉट्स का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा दुर्घटनाओं के कारणों का आकलन कर सुधारात्मक सुझाव दिए गए।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों को सेव लाइफ फाउंडेशन के ZFD मॉडल के अंतर्गत सड़क सुरक्षा के पांच स्तंभ (5-Es) पर प्रशिक्षित किया गया, जिनमें शामिल हैं—
1.Engineering (इंजीनियरिंग) – सड़कों में मौजूद खामियों एवं संरचनात्मक त्रुटियों की पहचान।
2. Enforcement (प्रवर्तन) – यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना।
3. Emergency Care (आपातकालीन देखभाल) – दुर्घटना के तुरंत बाद त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सहायता।
4. Education (शिक्षा) – सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाना।
5. Enactment (नीति निर्धारण) – सड़क सुरक्षा से जुड़ी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए क्षेत्राधिकारी यातायात/नगर ने कहा कि
“सड़क दुर्घटना के समय पुलिस प्रायः सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचने वाली इकाई होती है। यदि हमारे पुलिसकर्मी प्राथमिक चिकित्सा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया में दक्ष होंगे, तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं। ZFD पहल हमारे जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” वहीं सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताया कि—
हमारा लक्ष्य डेटा-संचालित हस्तक्षेपों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। पुलिस कर्मियों का प्रशिक्षण इस रणनीति का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि वे सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।”
सेव लाइफ फाउंडेशन एक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी संगठन है, जो पूरे भारत में सड़क सुरक्षा एवं आपातकालीन चिकित्सा देखभाल प्रणाली में सुधार के लिए कार्यरत है। फाउंडेशन अपनी ZFD (Zero Fatality District) एवं ZFC (Zero Fatality Corridor) परियोजनाओं के माध्यम से देश के सर्वाधिक दुर्घटना-प्रवण सड़क खंडों पर मृत्यु दर को कम करने हेतु विभिन्न राज्य सरकारों एवं संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।



