Deoria news, सती चरित्र की कथा सुन भावुक हुए श्रोता
सती चरित्र की कथा सुन
भाऊक हुए, श्रद्धालु। देवरिया।
नंदना वार्ड पश्चिम बरहज में, डॉ ओमप्रकाश शुक्ल के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए कथा, विकास डॉक्टर श्री प्रकाश मिश्रा ने सती चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनते हुए कहा कि, त्रेता युग में भगवान शिव और सती भगवान की कथा श्रवण करने के लिए कुंभज ऋषि के आश्रम पर पहुंचे कुंभज ऋषि ने दोनों का आदर सम्मान करते हुए आसान दिया और अगस्त ऋषि ने पूछा कि प्रभु आपके आगमन का कारण क्या है जिस पर भगवान शिव ने कहा कि हम दोनों लोगों को भगवान की कथा सुना दीजिए जिस पर अगस्त ऋषि ने कथा सुनना प्रारंभ किया भगवान शिव कथा में तल्लीन हो गए लेकिन वही मां सती ने कथा नहीं श्रवण की जो आगे चलकर उन्हें कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा और अंत में अपने पिता दक्ष के यज्ञ में प्राण त्याग कर दी जो आगे चलकर हिमाचल के वहां पुत्री के रूप में जन्म लेकर पुनः भगवान शिव को पाने के लिए आराधना करने लगी भगवान शिव का विवाह पार्वती के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर मुख्य यजमान डॉ ओम प्रकाश शुक्ला ,जयप्रकाश शुक्ला ,मनीष शुक्ला, सुधांशु शुक्ला ,स्वधा शुक्ला, हिमांशु शुक्ला, कृतिका शुक्ला, आश्रम पीठाधीश्वरआजनेय दास जी , परशुराम पांडे ,रविंद्र यादव डॉक्टर विनय तिवारी ,विनय मिश्रा प्रदीप शुक्ला विश्वनाथ यादव, राज को कोकिल, राम आशीष, अशोक, देवेंद्र ,नागेंद्र, अनिल, सच्चिदानंद, वीरेंद्र, प्रदीप, अजय ,अमित, सुधांशु, ऋषभ, धर्मेश, अभिषेक, अनुज, प्रियांशु, आरव, विराज, सिया सहित, श्रद्धालु श्रोताओ ने कथा का रसपान किया ।
कथा के अंत में मुख्य यजमान ने आरती किया और लोगों में प्रसाद वितरित किया गया।



