Azamgarh news :पुलिस ने साइबर फ्रॉड हुए रुपए को पीड़िता के खाते में कराया वापस

पुलिस ने साइबर फ्रॉड हुए रुपए को पीड़िता के खाते में कराया वापस

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
बरदह थाना अंतर्गत बड़गहन निवासी प्रीती पत्नी अजय के साथ अज्ञात साइबर अपराधी द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कुल 1,28,000/- रुपये की ठगी की गई थी।
उक्त संबंध में पीड़िता द्वारा दिनांक 02.09.2025 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत संख्या 23108250124292 पंजीकृत कराई गई। तत्पश्चात थाना बरदह पर पीड़िता की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 269/2025, धारा 318(4) बीएनएस व 66-D आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
विवेचना के दौरान त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर हेल्प डेस्क टीम, थाना बरदह द्वारा अभियुक्त के बैंक खाते में उपलब्ध 44,126/- रुपये को होल्ड कराया गया। मा0 न्यायालय से फंड रिलीज आदेश प्राप्त होने के पश्चात संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर उक्त धनराशि को पीड़िता के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिया गया।
साइबर फ्रॉड करने के प्रमुख तरीके:-
व्हाट्सएप/वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देना फर्जी प्रोफाइल बनाकर भावनात्मक या भयभीत कर धन की मांग करना।
ओटीपी/लिंक भेजकर बैंक अथवा डिजिटल भुगतान से धन निकालना।
फर्जी कस्टमर केयर या पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करना। साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय:- किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या वीडियो कॉल पर विश्वास न करें।
ओटीपी, बैंक विवरण, पासवर्ड किसी से साझा न करें।
धमकी या ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। शीघ्र शिकायत के लिए www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखें।

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