आजमगढ़ में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन:20 हजार की रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार,ईमानदार इंस्पेक्टर की चर्चा
20 हजार की रिश्वत बनी गिरफ्तारी की वजह, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई

आजमगढ़ जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एंटी करप्शन टीम ने सरायमीर थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार मानी जा रही है, बल्कि ईमानदार पुलिस अधिकारियों के प्रति जनता के भरोसे को भी मजबूत करती है।मामले की शुरुआत बिलरियागंज थाना क्षेत्र के गागेपुर गांव निवासी अवनीश राय की शिकायत से हुई। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि दरोगा अभिषेक सिंह एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे और लगातार दबाव बना रहे थे। परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन यूनिट से संपर्क किया, जिसके बाद पूरी योजना तैयार की गई।एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे नोटों के साथ जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी दरोगा ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात टीम ने तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच भुवनेश कुमार चौबे, थाना प्रभारी निरीक्षक सरायमीर, की कार्यशैली और ईमानदारी चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भुवनेश कुमार चौबे अपने निष्पक्ष, शांत और न्यायपूर्ण रवैये के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। वे न केवल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को अनुशासन और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को भी गंभीरता से सुनकर निष्पक्ष समाधान करने के लिए पहचाने जाते हैं।ऐसे समय में जब कुछ पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं, वहीं भुवनेश कुमार चौबे जैसे अधिकारी पुलिस विभाग की साख को मजबूत करने का काम करते हैं। उनकी कार्यशैली यह संदेश देती है कि सिस्टम में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा अभी भी जीवित है।यह कार्रवाई जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है कि किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, यह घटना यह भी दर्शाती है कि यदि अधिकारी ईमानदार हों, तो आम जनता का भरोसा और कानून का सम्मान दोनों बनाए रखा जा सकता है।



