Azamgarh News: विजय सुपर स्पेशलिस्ट हड्डी अस्पताल में युवक की मौत के बाद मचा कोहराम, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

विजय सुपर स्पेशलिस्ट हड्डी अस्पताल में युवक की मौत के बाद मचा कोहराम, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

आजमगढ़ जिले के चर्चित निजी चिकित्सा संस्थानों में शुमार विजय सुपर स्पेशलिस्ट हड्डी अस्पताल, लछिरामपुर बुधवार को उस समय सुर्खियों में आ गया, जब इलाज के दौरान एक गंभीर रूप से घायल युवक की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

जानकारी के अनुसार गोलू यादव (22 वर्ष) पुत्र रामसमुझ यादव, निवासी पाउस गांव, थाना दोहरीघाट, जनपद मऊ, बुधवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर किलोमीटर संख्या 301 के पास ट्रक के पहिए से गिट्टी निकाल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद घायल युवक को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देखते हुए उसे विजय सुपर स्पेशलिस्ट हड्डी अस्पताल, लछिरामपुर रेफर कर भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉ. मनीष त्रिपाठी और उनकी टीम ने उसका उपचार शुरू किया।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि सुबह से इलाज चल रहा था और चिकित्सकों द्वारा मरीज की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही थी। परिजनों के अनुसार दोपहर करीब ढाई बजे अस्पताल कर्मियों ने रक्त की कमी बताते हुए तत्काल ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। परिवार के लोग रक्त की व्यवस्था में जुट गए, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें युवक की मौत की सूचना दे दी गई।

मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक जमा कराने के बावजूद मरीज को अपेक्षित उपचार नहीं मिला। उनका यह भी आरोप है कि युवक की मौत होने के काफी समय बाद उन्हें इसकी जानकारी दी गई। साथ ही कुछ अस्पताल कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और धमकी देने की बात भी कही गई।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं मामले में अस्पताल के निदेशक डॉ. आर.बी. त्रिपाठी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इलाज में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं की गई। उन्होंने बताया कि मरीज गंभीर रूप से घायल था और उसे काफी रक्तस्राव हुआ था। परिजनों को समय रहते ब्लड की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया था। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौत हुई है।

डॉ. त्रिपाठी ने कहा, “कोई भी डॉक्टर या अस्पताल यह नहीं चाहेगा कि उसके मरीज के साथ लापरवाही हो। हर चिकित्सक अपनी पूरी क्षमता, अनुभव और संसाधन मरीज की जान बचाने में लगा देता है।”

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