Azamgarh news:स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कराने का आरोप, थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाकर एसएसपी से लगाई गुहार
Azamgarh news: Accused of carrying out construction despite stay order, pleaded with SSP by making serious allegations against the police station in-charge.

आजमगढ़। जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र के नौबरार देवारा जदीद किता प्रथम गांव निवासी कबड्डू राजभर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर थानाध्यक्ष महराजगंज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि विवादित भूमि पर न्यायालय में वाद लंबित होने तथा निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बावजूद अवैध निर्माण कराया जा रहा है।
प्रार्थी कबड्डू पुत्र सिद्धू ने बताया कि संबंधित गाटा संख्या को लेकर चकबंदी अधिकारी सदर द्वितीय आजमगढ़ के न्यायालय में बासमती बनाम सरकार नाम से वाद विचाराधीन है। उनका आरोप है कि विपक्षी बासमती पत्नी इन्द्रासन बिना सीमांकन कराए विवादित भूमि पर अवैध कब्जा एवं निर्माण कार्य करवा रही हैं।
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पीड़ित के अनुसार, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी द्वारा 10 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में स्पष्ट किया गया था कि यदि संबंधित भूमि के संबंध में किसी न्यायालय में वाद लंबित है तो अनुमति आदेश स्वतः निष्प्रभावी माना जाएगा। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया।
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कबड्डू राजभर का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिस पर जिलाधिकारी ने चकबंदी अधिकारी सदर एवं थानाध्यक्ष महराजगंज को निर्देश दिया था कि भूमि विवादित होने के कारण अग्रिम आदेश तक निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए। आरोप है कि जब वह जिलाधिकारी का आदेश लेकर महराजगंज थाने पहुंचे तो थानाध्यक्ष ने आदेश पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें अपमानित कर थाने से भगा दिया।
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प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि थानाध्यक्ष ने निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास करने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरा हो गया तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी, जिसकी भरपाई भविष्य में संभव नहीं होगी।
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कबड्डू राजभर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने तथा विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाने की मांग की है।फिलहाल मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के आधार पर जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



