Azamgarh News:आजमगढ़ के चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय

आजमगढ़ के चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

आजमगढ़ हत्याकांड का मुख्य आरोपी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पूर्वांचल के कई जनपदों में आतंक का पर्याय बने एक लाख रुपये के इनामी अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया गया। भानू प्रताप सिंह, पुत्र मानसिंह, ग्राम विधानापार, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर का निवासी था। उसके विरुद्ध हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज थे।

 

पुलिस के अनुसार भानू प्रताप सिंह आजमगढ़ के चर्चित हत्या प्रकरण (मु0अ0सं0 460/2025, थाना मुबारकपुर) में वांछित था। उस पर दुधिया व्यवसायी पृथ्वीराज यादव, निवासी पिपरापुर, थाना मुबारकपुर की सुपारी लेकर हत्या कराने का आरोप था। इसके अलावा वह लूट, डकैती और संगठित अपराधों में सक्रिय रहकर लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

 

उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए आजमगढ़ पुलिस ने पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। 2 जून 2026 को एडीजी वाराणसी जोन ने इनाम राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। इसके अतिरिक्त उस पर अम्बेडकर नगर से 50 हजार रुपये तथा गोरखपुर से 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।

 

पुलिस अभिलेखों के अनुसार भानू प्रताप के खिलाफ आजमगढ़, गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, बस्ती और अम्बेडकर नगर समेत विभिन्न जनपदों में 34 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें हत्या, डकैती, लूट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के गंभीर मामले शामिल हैं।

 

सूचना के आधार पर 7 जून 2026 को अयोध्या में एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज और स्थानीय पुलिस ने उसकी घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, घिरने पर उसने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भानू प्रताप सिंह के मारे जाने से पूर्वांचल में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उसके खिलाफ दर्ज कई लंबित मामलों के खुलासे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।यह संस्करण भाषा, व्याकरण, प्रवाह और समाचार प्रस्तुति की दृष्टि से अधिक परिष्कृत है।

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