Azamgarh News:काला फीता बांधकर ड्यूटी पर डटे स्टेशन मास्टर, बोले—सुरक्षा और सम्मान दोनों के लिए हमारी मांगें जरूरी”
आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय
“काला फीता बांधकर ड्यूटी पर डटे स्टेशन मास्टर, बोले—सुरक्षा और सम्मान दोनों के लिए हमारी मांगें जरूरी”
आजमगढ़। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार, 14 जुलाई को देशव्यापी “डिमांड डे” के तहत स्टेशन मास्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में काला फीता और “डिमांड डे” का बैज लगाकर विरोध दर्ज कराया। विरोध प्रदर्शन के बावजूद स्टेशन मास्टरों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से जारी रखा।
स्टेशन मास्टरों का कहना है कि मंडल में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण उन पर कार्य का अत्यधिक दबाव है। कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें समय पर विश्राम और अवकाश तक नहीं मिल पाता। साथ ही 12 घंटे की ड्यूटी को उन्होंने अमानवीय बताते हुए इसमें बदलाव की मांग उठाई।
संगठन का कहना है कि जिन रेलखंडों में दोहरी या तिहरी लाइन के साथ केंद्रीकृत पैनल प्रणाली है, वहां केवल एक स्टेशन मास्टर से परिचालन कार्य कराना रेल सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। ऐसे स्टेशनों पर प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त संख्या में स्टेशन मास्टरों की तैनाती की जानी चाहिए।
स्टेशन मास्टरों ने यह भी मांग उठाई कि भीषण गर्मी में 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच कार्य करना बेहद कठिन होता है, इसलिए स्टेशन मास्टर कार्यालयों में एयर कंडीशनर की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा कई कार्यालयों में शौचालय, अटैच बाथरूम और रेस्ट रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी दूर करने की मांग की गई।
संगठन ने रेलवे प्रशासन से सभी लंबित और न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि स्टेशन मास्टर रेलवे संचालन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बेहतर कार्य परिस्थितियां और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि रेल संचालन की सुरक्षा और गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।



