Azamgarh news :भूमि विवादों के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग प्रभावी समन्वय के साथ करें त्वरित कार्रवाई : जिलाधिकारी
भूमि विवादों के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग प्रभावी समन्वय के साथ करें त्वरित कार्रवाई : जिलाधिकारी

संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि विवादों का स्थलीय निरीक्षण एवं पैमाइश कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश
भूमि सीमांकन/चिन्हांकन के बाद भी कब्जा अथवा विवाद उत्पन्न करने वाले दबंगों के विरुद्ध की जाए विधिक कार्रवाई- जिलाधिकारी
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने भूमि विवादों में एफआईआर दर्ज न होने से संबंधित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के साथ जूम बैठक कर भूमि विवादों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जूम बैठक में जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने संयुक्त भ्रमण एवं मौके पर पैमाइश की स्थिति, दबंग पक्ष द्वारा खूंटा उखाड़ने अथवा सीमांकन/चिन्हांकन को क्षतिग्रस्त करने, शिकायतकर्ता द्वारा तहरीर दिए जाने, थाने पर एफआईआर दर्ज करने से मना किए जाने तथा एफआईआर दर्ज कराने के लिए राजस्व अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किए जाने सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि भूमि विवाद से संबंधित किसी भी प्रकरण में शिकायत प्राप्त होने पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण एवं आवश्यक पैमाइश/सीमांकन की कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भूमि विवादों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए, जिससे विवादों के कारण उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि की पैमाइश एवं सीमांकन/चिन्हांकन की कार्रवाई के उपरांत भी यदि कोई दबंग व्यक्ति जानबूझकर आदेशों का उल्लंघन करता है, खूंटा उखाड़ता है अथवा पुनः विवाद उत्पन्न करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भूमि विवाद के प्रकरण में पुलिस थाने पर एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक विलंब या असमर्थता की स्थिति सामने आती है, तो संबंधित राजस्व अधिकारी तत्काल पुलिस अधिकारी से संपर्क कर नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पीड़ित एवं शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े तथा प्रत्येक प्रकरण में संबंधित विभागों द्वारा संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने सभी अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि भूमि विवादों के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए भूमि विवादों के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जनसामान्य को त्वरित न्याय मिल सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे।



