Azamgarh news :फ्री मूवी/वेब सीरीज डाउनलोड के नाम पर APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
फ्री मूवी/वेब सीरीज डाउनलोड के नाम पर APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

साइबर ठगी की रकम से खरीदी गई 3.5 लाख रुपये की नई बुलेट बरामद
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर सेल व महराजगंज पुलिस टीम द्वारा दिनांक 22.07.2026 को उ0नि0 राहुल कुमार मय हमराह एवं साइबर सेल आजमगढ़ प्रभारी उ0नि0 रविप्रकाश गौतम मय टीम देखभाल क्षेत्र, लंबित विवेचना एवं संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान नया चौक, महाराजगंज क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि साइबर अपराध में संलिप्त एक व्यक्ति, जो साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को एटीएम के माध्यम से निकालकर कैश करने का कार्य करता है, अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से सहदेवगंज होते हुए महाराजगंज की ओर आ रहा है।
सूचना पर पुलिस टीम द्वारा प्रतापपुर पुलिया पर सघन चेकिंग प्रारम्भ की गई। कुछ समय बाद बुलेट मोटरसाइकिल से आते एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 01 सैमसंग मोबाइल फोन, 01 आईफोन, 01 कूटरचित आधार कार्ड तथा ₹1,330 नकद बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर अभियुक्त कृष्णा कुमार पुत्र राजदेव राम, निवासी ग्राम नौबरार त्रिपुरारपुर खालसा, थाना महाराजगंज, जनपद आजमगढ़, उम्र लगभग 28 वर्ष को रात्रि 23:05 बजे गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह कूटरचित आधार कार्ड का उपयोग कर जनसेवा केंद्रों के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि निकालता था। बरामद आईफोन उसके साथी आशीष कुमार पुत्र अशोक कुमार, निवासी 3-बी अनिमा कॉम्प्लेक्स, मछली गली, न्यू जक्कनपुर, मीठापुर, पटना (बिहार) का है, जिसका उपयोग म्यूल खातों में फर्जी तरीके से पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर प्राप्त होने वाले ओटीपी हासिल करने के लिए किया जाता था।
अभियुक्त ने यह भी बताया कि वह अपने साथियों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री में नई फिल्म/वेब सीरीज डाउनलोड कराने के नाम पर एपीके (APK) फाइल युक्त लिंक पोस्ट करता था। उक्त लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ितों के मोबाइल हैक हो जाते थे, जिसके बाद उनके बैंक खातों से धनराशि म्यूल खातों में स्थानांतरित कर एटीएम के माध्यम से निकालकर आपस में बांट ली जाती थी।



