Azamgarh news :नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के 03 आरोपी गिरफ्तार, अब तक कुल 12 लोग हो चुके गिरफ्तार
नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के 03 आरोपी गिरफ्तार, अब तक कुल 12 लोग हो चुके गिरफ्तार

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री चिराग जैन, व क्षेत्राधिकारी नगर के कुशल नेतृत्व में दिनांक 26/27.07.2026 की रात्रि में व0उ0नि0 सुशील कुमार मय हमराह क्षेत्र में भ्रमणशील थे। अभियुक्त लालू उर्फ राकेश कुमार की मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम कोटिला कट के पास आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर पहुंची, जहां एक ब्रेजा कार के पास तीन संदिग्ध व्यक्ति आपस में बातचीत करते मिले।
पूछताछ की गई तो उन्होंने अपने नाम क्रमशः लालू उर्फ राकेश कुमार पुत्र विमलेश कुमार महतो निवासी सेलीबेली थाना बासोपट्टी जनपद मधुबनी बिहार, दिनेश कुमार गुप्ता पुत्र स्व. रघुनाथ गुप्ता निवासी ग्राम डेहरी पोस्ट कोटवारी थाना रसड़ा जनपद बलिया तथा धर्मेन्द्र गुप्ता पुत्र रमाकान्त गुप्ता निवासी ग्राम मन्दा थाना रसड़ा जनपद बलिया बताए। तीनों को समय 23:55 बजे गिरफ्तार किया गया।
जिसके संबंध में दिनांक 20.05.2026 को वादी मुकदमा पंकज यादव पुत्र लाल बहादुर यादव निवासी ग्राम अंधौरी, पोस्ट चढ़ई, थाना रानी की सराय, जनपद आजमगढ़ द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर थाना रानी की सराय पर मु0अ0सं0 123/2026 धारा 3(5), 319(2), 318(4), 336(4), 340(2), 61(2), 351(3), 352 एवं 338 बीएनएस पंजीकृत किया गया था। जिसमें विवेचना के दौरान अभियुक्त लालू उर्फ राकेश कुमार, दिनेश कुमार गुप्ता एवं धर्मेन्द्र गुप्ता के नाम प्रकाश में आए।
सभी अभियुक्त स्वयं को नौकरी दिलाने वाले एजेंट/मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत कर बेरोजगार युवाओं को सरकारी एवं निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। विश्वास अर्जित करने के बाद अभ्यर्थियों से धनराशि प्राप्त कर उनके नाम पर फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, सरकारी कार्यालयों के फर्जी प्रोफार्मा एवं अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर नौकरी दिलाने का विश्वास दिलाकर आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज तैयार करने में प्रयुक्त मोहरें, इंकपैड, मोबाइल फोन, पुलिस वेरिफिकेशन प्रपत्र, सरकारी प्रोफार्मा, विभिन्न दस्तावेजों की प्रतियां तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जिससे उनके द्वारा सुनियोजित ढंग से ठगी का नेटवर्क संचालित किया जाना परिलक्षित होता है। मामले मैं गिरोह के अन्य सदस्यों एवं पीड़ितों के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही हैl



