Azamgarh news;सावन के दूसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ दास मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
Azamgarh news: On the second Monday of Sawan, a wave of faith surged at Baba Vishwanath Das Temple.
गंभीरपुर/आजमगढ़। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को क्षेत्र के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर ब्लॉक मुहम्मदपुर के कोनौली, गंभीरपुर स्थित बाबा विश्वनाथ दास मंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, मदार, भांग, बेलपत्र और फूल चढ़ाकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। महिलाओं और युवतियों ने भी सावन सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।मंदिर के पुजारी पंडित रामललक मिश्रा ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। सावन सोमवार का व्रत रखने और भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं मनपसंद वर की कामना से और विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं।उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने सावन मास में ही ग्रहण किया था। वहीं माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।पुजारी के अनुसार सोमवार का संबंध चंद्रमा से भी माना जाता है और भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से चंद्र दोषों की शांति होती है और भक्तों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है।



