Azamgarh News:शंभूपुर घटना को जातिगत विवाद और तनाव बताने वाली भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का आजमगढ़ पुलिस ने किया खंडन-
आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
*जनपद–आजमगढ़*
शंभूपुर घटना को जातिगत विवाद और तनाव बताने वाली भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का आजमगढ़ पुलिस ने किया खंडन-
शंभूपुर घटना में जातिगत विवाद का तथ्य नहीं आया सामने, विपरीत परिस्थितियों में भी संबंधित तीनों परिवारों ने एक-दूसरे के दुःख में शामिल होकर दिखाई मानवीय संवेदना।
भ्रामक एवं तथ्यहीन बातें सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने वाले X अकाउंट के विरुद्ध थाना अहरौला पर मु0अ0सं0 330/2026, धारा 353(1)(ग) बीएनएस एवं 66(C) आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत, आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित।
दिनांक 22.09.2026 को थाना अहरौला क्षेत्रान्तर्गत ग्राम शंभूपुर गहजी में घटित गंभीर घटना के संबंध में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कुछ व्यक्तियों द्वारा घटना को *“ठाकुर बनाम ब्राह्मण”* विवाद के रूप में प्रस्तुत करते हुए भ्रामक एवं तथ्यहीन दावे प्रसारित किए जा रहे हैं।
प्रकरण की वास्तविक स्थिति यह है कि अब तक की पुलिस जांच एवं उपलब्ध तथ्यों के अनुसार घटना का संबंध घर में चल रहे पूजा-पाठ के चौथे दिन उत्पन्न विवाद से है। विवाद के उपरान्त अभियुक्त अरविंद सिंह द्वारा अपनी पत्नी एवं पूजा कराने आए दो पुरोहितों के ऊपर फायरिंग की गई। *अभियुक्त की पत्नी द्वारा दोनों पुरोहितों को बचाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन मानसिक रुप से उग्र अभियुक्त द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें अभियुक्त की पत्नी व दोनों पुरोहितों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।*
इसके बाद अभियुक्त ने अपने 03 बच्चों के साथ अपने को घर के एक कमरे में बंद कर लिया गया। पुलिस द्वारा अभियुक्त अरविंद से लगभग 07 घंटे दरवाजा खोलने के संबंध में बातचीत एवं समझाने का प्रयास करती रही। इसी बीच अभियुक्त द्वारा अपने एक बच्चे शौर्य को गोली मारी गई। बच्चों की जान बचाने के खातिर तत्पश्चात पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में अभियुक्त अरविंद घायल हो गया। अभियुक्त व उसके बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया किन्तु उनकी मृत्यु हो गई।
यह स्पष्ट किया जाता है कि *अब तक की पुलिस जांच में उक्त घटना के जातिगत संघर्ष से संबंधित होने का कोई तथ्य सामने नहीं आया है। उपलब्ध तथ्यों एवं परिवारजनों द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर अभियुक्त को छोड़कर संबंधित तीनों परिवारों के मध्य किसी प्रकार का जातिगत विवाद अथवा पूर्व शिकायत सामने नहीं आई है। इसके विपरीत, घटना के बाद उत्पन्न विषम परिस्थितियों में भी संबंधित परिवारों द्वारा एक-दूसरे के दुःख में शामिल होकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया जा रहा है।*
गाँव, आस – पास के लोगों व तीनों परिवारों के रिश्तदारों द्वारा बार-बार परिवारों के सौहार्दपूर्ण संबंधों के बारें में बताया गया है। साथ ही आज भी तीनों परिवार एक दूसरे से संवेदना प्रकट करते हैं।
अतः सोशल मीडिया पर घटना को जातिगत संघर्ष के रूप में प्रस्तुत करने वाले दावे वास्तविक घटना एवं पुलिस जांच के तथ्यों से मेल नहीं खाते और जनमानस में भ्रम, तनाव और वैमनस्य उत्पन्न करने वाले हैं।
प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच की जा रही है। *उक्त भ्रामक एवं तथ्यहीन पोस्ट को X पर प्रसारित करने वाले X आईडी @Wale……70737 के विरुद्ध थाना अहरौला पर मु0अ0सं0 330/2026, धारा 353(1)(ग) बीएनएस एवं 66(C) आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।*
साथ ही, घटना के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट/ पोस्ट की निगरानी की जा रही है। साथ ही समाज में जाति/वर्ग के आधार पर नफरत/ तनाव फैलाने वाले तत्वों को आगाह किया जाता है कि तथ्यों के विपरीत भ्रामक अथवा भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर जनमानस में भ्रम अथवा वैमनस्य उत्पन्न करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ पुलिस की आमजन से अपील है कि घटना के संबंध में अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट/दावों पर विश्वास न करें। केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर ही भरोसा करें। आपसी भाईचारा और सौहार्द से ही सुरक्षित समाज संभव है ।



