आजमगढ़;पुलिसिया मनमानी के खिलाफ आर-पार के मूड में भाजपा नेता हरिवंश मिश्र, शासन से कार्रवाई की मांग
कंधरापुर पुलिस पर भाजपा नेता हरिवंश मिश्र का बड़ा हमला, सीएम योगी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

कंधरापुर पुलिस पर सत्तापक्ष के ही वरिष्ठ नेता ने खोले मोर्चे, हरिवंश मिश्र का पुलिसिया कार्यशैली पर बड़ा हमला, आर-पार के मूड में भाजपा नेता, दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी, सीएम योगी से उच्चस्तरीय जांच की मांग
आजमगढ़। जिले के थाना कंधरापुर क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर अब खुद सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के भीतर से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्र ने कंधरापुर पुलिस की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हरिवंश मिश्र ने अपने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा कि कंधरापुर थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की मनमानी और कथित कार्यशैली के कारण आम जनता के बीच भारी असंतोष पनप रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस के इस रवैये से योगी सरकार की पारदर्शी, अपराध-मुक्त और जवाबदेह शासन व्यवस्था की साख को बट्टा लग रहा है।भाजपा नेता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों पर बिना किसी समुचित जांच के मनमाने ढंग से एफआईआर दर्ज की जा रही है। पीड़ितों की वाजिब शिकायतों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय थाना पुलिस द्वारा धनउगाही की जा रही है और पीड़ितों को न्याय से वंचित रखा जा रहा है। वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को दरकिनार कर बेकसूरों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे थोपे जा रहे हैं। अपनी शिकायतों को पुख्ता करने के लिए भाजपा नेता ने क्षेत्र के कई मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया। जिसमें 17 अगस्त की रात हुई चोरी के प्रयास का मामला। मड़या गांव में हुई मारपीट और उसके बाद उपचार से जुड़ा प्रकरण। मंदुरी बाजार में एक गरीब व्यक्ति पर हुआ कथित हमला। बर्जी गांव में सामने आया एक अन्य जमीनी या आपसी विवाद। हरिवंश मिश्र ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि योगी सरकार में भ्रष्टाचार और पुलिसिया मनमानी को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। यदि कंधरापुर पुलिस की तानाशाही पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित और जनता के न्याय के लिए वह सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और इस पूरे मामले की शिकायत शासन के शीर्ष स्तर तक करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि कंधरापुर थाने से जुड़े मामलों की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, निर्दोषों को राहत दी जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो ताकि पुलिस व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे।



