Azamgarh News:मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से बदली चंदन पाण्डेय की जिंदगी, नौकरी तलाशने वाले बने रोजगार देने वाले*
*मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से बदली चंदन पाण्डेय की जिंदगी, नौकरी तलाशने वाले बने रोजगार देने वाले*
*सीएम युवा योजना, युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है-जिलाधिकारी*
*सीएम युवा योजना ने आजमगढ़ के करीब 6 हजार युवाओं को दिया स्वरोजगार का आधार*
*योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना ने बढ़ाया युवाओं में आत्मविश्वास*
*‘सरकारी योजना का सही लाभ लेकर युवा नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बन सकता है*
आजमगढ़, 24 अगस्त 2026।
केन्द्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने के साथ ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। योजना का उद्देश्य शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना कराना तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करना है।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश का कोई भी 21 से 40 वर्ष आयु का स्थायी निवासी एवं न्यूनतम 8वीं पास युवा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत विनिर्माण उद्योग, सेवा क्षेत्र, फ्रेंचाइजी एवं बिजनेस ऑन व्हील्स आदि क्षेत्रों में अपना उद्यम स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकता है। योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक की उद्योग/सेवा परियोजनाओं के लिए 4 वर्षों तक 100 प्रतिशत ब्याज मुक्त एवं बिना गारंटी के ऋण की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का भी प्रावधान है। जनपद आजमगढ़ में इस अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 6 हजार युवाओं के ऋण बैंक स्तर से स्वीकृत किए जा चुके हैं।
जनपद आजमगढ़ के मई खरगपुर, पोस्ट उबारपुर निवासी चंदन पाण्डेय की कहानी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की सफलता की प्रेरक मिसाल है। परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद डी फार्मा चंदन पाण्डेय बेहतर भविष्य के लिए नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना की जानकारी उनके लिए भविष्य की नई राह खोलने वाली साबित हुई।
चंदन पाण्डेय बताते हैं कि जिला प्रशासन के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही दिनों में बैंक से ऋण स्वीकृत हुआ और धनराशि प्राप्त होने के बाद उन्होंने अपनी उद्यम इकाई स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
चंदन पाण्डेय ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से प्राप्त सहयोग के माध्यम से ‘वेदिका आयुर्वेद’ ब्रांड के नाम से आयुर्वेद मेडिसिन उद्योग की शुरुआत की।उन्होंने आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्माण के लिए आधुनिक मशीनें स्थापित कर अपना उद्यम शुरू किया।
वर्तमान में उनकी इकाई में आंवला चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, मुरब्बा, आंवला च्यवनप्राश सहित अन्य आयुर्वेद आधारित खाद्य पदार्थों का निर्माण किया जा रहा है। उच्च गुणवत्ता और किफायती दरों के कारण ‘वेदिका आयुर्वेद’ ने कम समय में ही ग्राहकों का विश्वास अर्जित किया है।
चंदन पाण्डेय की उद्यमिता का सफर केवल उनके स्वयं के आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने संस्थान में 5 लोगों को रोजगार से जोड़ा है। उनके प्रतिष्ठान पर प्रतिदिन लगभग 30 से 35 ग्राहक आयुर्वेदिक उत्पाद एवं औषधियां लेने पहुंचते हैं।
चंदन पाण्डेय के अनुसार उनके प्रतिष्ठान से लगभग 35 हजार रुपये मासिक आय प्राप्त होती है, जबकि करीब 25 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है। उनका वार्षिक टर्नओवर भी लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस प्रकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उन्हें नौकरी तलाशने वाले युवा से उद्यमी और रोजगार देने वाले व्यक्ति के रूप में स्थापित किया है।
चंदन पाण्डेय उत्साहित होकर बताते हैं कि आज सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए अनेक अवसर और योजनाएं उपलब्ध करा रही है। यदि युवा इन योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाएं तो वे नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं रोजगार स्थापित कर दूसरे लोगों को भी रोजगार दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से उन्हें जो सहयोग मिला, उसने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
चंदन पाण्डेय की सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि मजबूत संकल्प, सही दिशा में निरंतर प्रयास और सरकार की योजनाओं का सहयोग मिल जाए तो परिस्थितियों को बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान न केवल युवाओं को स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है। आज चंदन पाण्डेय स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही पांच अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी यह सफलता जनपद के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका सदुपयोग किया जाए और नौकरी की तलाश करने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित कर ‘रोजगार पाने वाले’ से ‘रोजगार देने वाले’ बनने की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।



