Azamgarh News:औचक निरीक्षण में सात दिन से अनुपस्थित मिले चिकित्सक, वेतन रोकने के निर्देश
आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय
औचक निरीक्षण में सात दिन से अनुपस्थित मिले चिकित्सक, वेतन रोकने के निर्देश
आजमगढ़। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के संचालन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने रविवार को हरैया विकासखंड क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और बाढ़ चौकियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हाजीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार यादव 24 से 30 अगस्त तक लगातार अनुपस्थित मिले।
सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सक का वेतन रोकने के निर्देश दिए और दो कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों के प्रति किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।
रौनापार पीएचसी के निरीक्षण में कुछ कर्मचारी बाढ़ चौकी पर ड्यूटी में तैनात मिले, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दो कार्य दिवस में व्यवस्था दुरुस्त कर अनुपालन रिपोर्ट देने और वीडियो कॉल के माध्यम से केंद्र की स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद हाजीपुर, गांगेपुर, महुला, खटोली और डाडा क्षेत्र की बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया गया। अधिकांश स्थानों पर दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था संतोषजनक मिली।
सीएमओ के अनुसार रविवार को जिले में 76 स्थानों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले आयोजित किए गए। इनमें 78 चिकित्सकों और 308 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने सेवाएं दीं। कुल 2,110 मरीजों का पंजीकरण एवं परीक्षण किया गया, जिसमें 880 पुरुष, 919 महिलाएं और 311 बच्चे शामिल रहे। 90 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई तथा 138 कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं दी गईं।
मेले के दौरान 221 लोगों की कोविड-19 हेल्प डेस्क पर स्क्रीनिंग की गई। विभिन्न जांचों में लीवर, श्वसन, गैस्ट्रो, डायबिटीज, त्वचा, टीबी, एनीमिया और हाइपरटेंशन से संबंधित मरीज चिन्हित किए गए। गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की जरूरत वाले 37 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
डॉ. वर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ चौकियों पर पर्याप्त दवाएं, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती और तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, बिना सूचना अनुपस्थिति और शासन की योजनाओं के संचालन में शिथिलता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।



