Azamgarh News:आजमगढ़ में पुलिस का शिकंजा: फर्जी क्लिनिक संचालक समेत कई आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़ में पुलिस का शिकंजा: फर्जी क्लिनिक संचालक समेत कई आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़, 7 सितंबर। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस ने सोमवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए फर्जी क्लिनिक संचालित करने, नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, मारपीट तथा मादक पदार्थ तस्करी समेत विभिन्न मामलों में वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित मामलों में न्यायालय के समक्ष पेश किया।
फर्जी क्लिनिक संचालक गिरफ्तार
गम्भीरपुर थाना पुलिस ने मरीज को चिकित्सक बनकर झांसे में लेने और गलत तरीके से इलाज करने के आरोपी सत्यप्रकाश को गोसाई की बाजार से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 को मईखरगपुर निवासी सुनील यादव के भाई अजीत यादव शौचालय में गिरने से पैर में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें गोसाई की बाजार स्थित प्रकाश हेल्थ केयर सेंटर ले जाया गया, जहां सत्यप्रकाश ने स्वयं को चिकित्सक बताते हुए उपचार किया।आरोप है कि उपचार में लापरवाही के कारण घायल की स्थिति बिगड़ गई और पैर काटने की स्थिति उत्पन्न हो गई। बाद में हेल्थ केयर सेंटर और कथित चिकित्सक के पंजीकरण को लेकर भी सवाल सामने आए। इस मामले में गम्भीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सोमवार को आरोपी सत्यप्रकाश को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठग
तरवां थाना पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये की कथित ठगी और फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में नागेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, रासेपुर निवासी संदीप जायसवाल से वन विभाग में नौकरी और असम राइफल्स में नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर 11 लाख रुपये लिए गए थे।आरोप है कि इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर दिया गया और मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी अपने पास रख लिए गए। नौकरी लगने की उम्मीद में पीड़ित को गुवाहाटी तक भेजा गया, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई। रुपये वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप है। न्यायालय के आदेश के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नागेन्द्र यादव को रासेपुर बाजार से गिरफ्तार किया।
अतरौलिया थाना पुलिस ने पुरानी रंजिश को लेकर महिला और उसकी दो बेटियों के साथ मारपीट व अभद्रता के मामले में वांछित अनिल निषाद को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को एक महिला ने शिकायत की थी कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उसकी पुत्री के साथ अभद्रता और मारपीट की। बीच-बचाव करने पर महिला और उसकी दूसरी पुत्री के साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की गई।शिकायत में महिला की अंगुली में दांत से काटने, फरसे से हमला करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। मामले में अनिल निषाद, पल्लू निषाद और बहोर निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अनिल निषाद को अतरैठ बाजार से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
थाना पुलिस ने फर्जी मदरसा संचालित कर सरकारी अनुदान की धनराशि के कथित गबन के मामले में वांछित मदरसा प्रबंधक अंसार अहमद को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) की जांच के आधार पर चांदपट्टी स्थित मदरसा दर्सगाह अरबियां निस्वां के प्रबंधक पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी धनराशि के गबन का आरोप है।इस मामले में रौनापार थाने में वर्ष 2025 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सोमवार को अंसार अहमद को उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है।
604 किलो गांजा तस्करी से जुड़े आरोपी पर PIT-NDPS के तहत कार्रवाई
गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पुलिस ने आरोपी राजीव कुमार यादव उर्फ संजीव कुमार उर्फ संजू के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, 12 मार्च 2026 को एसटीएफ लखनऊ और गम्भीरपुर पुलिस ने अमौड़ा टोल प्लाजा के पास एक कंटेनर की तलाशी के दौरान गुप्त कैविटी में छिपाकर रखी गई 14 बोरियों से 353.990 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 1.77 करोड़ रुपये बताई गई थी।जांच में आरोपी का आजमगढ़ और जौनपुर में कुल करीब 604 किलोग्राम गांजा की तस्करी/बरामदगी से संबंध सामने आने की बात पुलिस ने कही है। तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर, जिसकी अनुमानित कीमत 10.50 लाख रुपये थी, को भी विधिक प्रक्रिया के तहत जब्त किया गया।पुलिस के अनुसार, वित्तीय जांच में कंटेनर को मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदे जाने की बात सामने आई। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए सक्षम प्राधिकारी ने वाहन को अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के रूप में स्वीकार किया और 22 जून 2026 को उसका विधिक जब्तीकरण किया गया।पुलिस ने बताया कि आरोपी के आपराधिक इतिहास और मादक पदार्थ तस्करी में कथित सक्रिय भूमिका को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग ने 7 जुलाई 2026 को PIT-NDPS Act के तहत एक वर्ष का निरोधादेश जारी किया। 8 जुलाई को जिला कारागार आजमगढ़ में निरुद्ध आरोपी को आदेश की तामील कराई गई। बाद में उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की लखनऊ पीठ में गठित सलाहकार बोर्ड ने मामले के अभिलेखों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद निरोध के पर्याप्त आधार पाए और निरोधादेश की पुष्टि की।
बरदह थाना पुलिस ने आवारा पशुओं को गांव से बाहर छोड़ने को लेकर हुए विवाद में लाठी-डंडे से हमला करने के आरोपी इन्दल सरोज को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को घाटमपुर गांव में विवाद के दौरान आरोपी ने अजय सरोज के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से अजय बेहोश हो गए थे।मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने सोमवार सुबह इन्दल सरोज को त्रिवेणी मोड़ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही/कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बांस का डंडा भी बरामद करने का दावा किया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में अपराध नियंत्रण के लिए वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ संगठित अपराध, मादक पदार्थ तस्करी और अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई जारी है।



