Azamgarh News:सीडीओ की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न*

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
आजमगढ़, 15 सितम्बर, 2026/:मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न गोआश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण, चिकित्सा एवं मूलभूत व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सीडीओ ने गोवंशों के समुचित रख-रखाव को शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अन्तर्गत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के दौरान जनपद के सभी गो आश्रय स्थलों का व्यापक स्तर पर साफ-सफाई कराते हुए गौ सेवा पर बल दिया जायेगा। साथ ही अभियान के दौरान पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं में पात्र अधिकाधिक लाभार्थियों को आच्छादित कराने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास खंडों में चिन्हित चारागाह भूमि पर गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए शत-प्रतिशत हरे चारे की बुआई तत्काल कराई जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए किसी भी गोआश्रय स्थल में जलभराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा या बीमारी का सामना न करना पड़े।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी गोआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गोवंशों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रहे सहभागियों का सत्यापन कराया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थियों द्वारा गोवंशों का समुचित संरक्षण एवं भरण-पोषण किया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंश संरक्षण से संबंधित अन्य बिंदुओं की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि गोआश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करें।
बैठक में जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीसी एनआरएलएम डॉ. अराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



