Azamgarh news :प्रतियोगी परीक्षार्थियों को सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, पुनरावृत्ति एवं नियमित अभ्यास पर दें विशेष जोर—आईपीएस चिराग जैन

प्रतियोगी परीक्षार्थियों को सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, पुनरावृत्ति एवं नियमित अभ्यास पर दें विशेष जोर—आईपीएस चिराग जैन

10 अलग-अलग किताबों को एक-एक बार पढ़ने से बेहतर है, एक गुणवत्तापूर्ण किताब को 10 बार पढ़ें—चिराग जैन

पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण, अनुशासन एवं निरंतरता से मिलेगी सफलता

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग केंद्र, भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय भवन, ब्रह्मस्थान, आजमगढ़ में प्रतियोगी परीक्षार्थियों के मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन हेतु विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन (आईपीएस) ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने की व्यावहारिक रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया।

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आईपीएस चिराग जैन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पढ़ी गई सामग्री को गहराई से समझना और उसका बार-बार अध्ययन एवं पुनरावृत्ति करना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 10 अलग-अलग किताबों को एक-एक बार पढ़ने से कहीं बेहतर है कि एक गुणवत्तापूर्ण किताब को 10 बार पढ़ा जाए। उन्होंने अभ्यर्थियों को सीमित एवं प्रामाणिक अध्ययन सामग्री का चयन करने, निरंतर अभ्यास करने तथा विषयों की मूल अवधारणाओं को मजबूत करने की सलाह दी।

उन्होंने विगत वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Year Questions) के विश्लेषण को परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों के स्तर और महत्वपूर्ण विषयों की बेहतर समझ विकसित होती है। केवल उत्तर याद करने के बजाय प्रश्नों के पीछे की अवधारणा को समझना चाहिए, जिससे कठिन एवं घुमावदार प्रश्नों को हल करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।

संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अध्ययन रणनीति, समय प्रबंधन, मॉक टेस्ट एवं उसके मूल्यांकन से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका आईपीएस चिराग जैन ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया। उन्होंने अभ्यर्थियों को अनुशासन, धैर्य, नियमितता और निरंतर आत्ममूल्यांकन के साथ अपनी कमियों में सुधार करते रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम से प्रतियोगी परीक्षार्थियों में उत्साह एवं नई ऊर्जा का संचार हुआ। उपस्थित अभ्यर्थियों ने उपयोगी मार्गदर्शन के लिए मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में सभी विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

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