आजमगढ़:मदरसा तुल बनात मंगरावाँ में बालिकाओं हेतु जागरूकता शिविर आयोजित
Azamgarh news:बालिकाओं को अधिकारों, सुरक्षा, सरकारी योजनाओं एवं हेल्पलाइन के प्रति किया गया जागरूक

महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में विकासखंड मोहम्मदपुर स्थित मदरसा तुल बनात मंगरावाँ में बालिकाओं के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, सरकारी योजनाओं, बाल विवाह, लैंगिक उत्पीड़न तथा गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में जिला मिशन कोऑर्डिनेटर प्रीति उपाध्याय ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पीसीपीएनडीटी अधिनियम एवं बाल सेवा योजना की जानकारी दी। जेंडर स्पेशलिस्ट अन्नू सिंह ने चाइल्ड हेल्पलाइन सहित आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के माध्यमों के बारे में बताया। बालिकाओं के सवालों का अधिकारियों ने सरल भाषा में समाधान किया।उल्लेखनीय है कि मदरसा तुल बनात मंगरावाँ की बुनियाद पूर्व मंत्री मौलवी मसूद खान ने रखी थी।आज यह संस्थान आजमगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर में मुस्लिम बालिकाओं की शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। कार्यक्रम में मदरसे के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़, 19 सितंबर:महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में मदरसा तुल बनात मंगरावाँ, बिंद्राबाजार, जनपद आजमगढ़ में बालिकाओं हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित सरकारी योजनाओं, सामाजिक कुरीतियों तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा।जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित शिविर में महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा बालिकाओं को महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की गई। जिला मिशन कोऑर्डिनेटर श्रीमती प्रीति उपाध्याय ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, बाल सेवा योजना तथा गुड टच एवं बैड टच के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती अन्नू सिंह ने बालिकाओं को चाइल्ड हेल्पलाइन के संबंध में जानकारी देते हुए किसी भी समस्या अथवा आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के विभिन्न माध्यमों के बारे में बताया। शिविर में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, लैंगिक उत्पीड़न से बचाव, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान तथा संबंधित हेल्पलाइन एवं अधिकारियों से संपर्क करने की प्रक्रिया के बारे में भी जागरूक किया गया।कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सरल भाषा में समाधान एवं आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में मदरसे के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य उपस्थितजनों ने भी सहभागिता की।महिला कल्याण विभाग द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, सरकारी योजनाओं एवं सहायता तंत्र के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
एडिटर एवं वरिष्ठ पत्रकार आफताब आलम



